नेशनल हाईवे पर टोल पास! 1 साल के लिए 3000 रुपये और जिंदगीभर के लिए 30 हजार रुपये, जानें कैसे मिलेगा इसका फायदा
निजी कार मालिकों और मध्यवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही ‘वार्षिक टोल पास’ और ‘जीवनभर के लिए टोल पास’ के विकल्प पेश करने की योजना बना रही है.
Toll Pass For National Highway: निजी कार मालिकों और मध्यवर्गीय परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से, जो अक्सर राष्ट्रीय उच्चमार्गों का उपयोग करते हैं, केंद्र सरकार जल्द ही ‘वार्षिक टोल पास’ और ‘जीवनभर टोल पास’ के विकल्प पेश करने की योजना बना रही है. इस योजना के तहत, एक समय की भुगतान राशि के रूप में 3,000 रुपये में अनलिमिटेड यात्रा का लाभ मिलेगा, वहीं 15 वर्षों के लिए 30,000 रुपये की एकमुश्त राशि के साथ जीवनभर के टोल पास की पेशकश की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर सड़क परिवहन मंत्रालय में विचार-विमर्श अंतिम चरण में है. खबरों के अनुसार, मंत्रालय निजी कारों के लिए प्रति किलोमीटर टोल दरों में कुछ बदलाव करने पर भी विचार कर रहा है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वालों को राहत मिल सके. इन पासों को FASTags में एम्बेड किया जाएगा, जिससे इनकी अतिरिक्त खरीदारी की आवश्यकता नहीं होगी.
वर्तमान में, केवल स्थानीय और अक्सर यात्रा करने वाले यात्रियों को एकल टोल प्लाजा के पार करने के लिए मासिक पास जारी किए जाते हैं. इसके लिए उन्हें अपने पते का प्रमाण और अन्य विवरण प्रस्तुत करना होता है. यह मासिक पास 340 रुपये में उपलब्ध है, जो एक साल में 4,080 रुपये तक पहुंचता है. इस स्थिति में, 3,000 रुपये में पूरे वर्ष के लिए अनलिमिटेड यात्रा का विकल्प बहुत किफायती होगा. यह प्रस्ताव वैकल्पिक होगा, और विश्लेषण से यह सामने आया है कि यह कई लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि उनका मंत्रालय कार मालिकों के लिए पासों की पेशकश करने की योजना पर काम कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, यह योजना कई मुद्दों का समाधान करने के रूप में देखी जा रही है, जिसमें नगरपालिका सीमाओं के भीतर टोल प्लाजा के खिलाफ बढ़ती नाराजगी, 60 किलोमीटर से कम की दूरी पर टोल गेट्स और टोल प्लाजा पर होने वाली हिंसा शामिल हैं.
आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 के कुल टोल राजस्व में 55,000 करोड़ रुपये में से निजी कारों का हिस्सा केवल 8,000 करोड़ रुपये था. टोल लेनदेन और संग्रह के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि जबकि 53% लेनदेन निजी कारों से होते हैं, इनका टोल संग्रह में हिस्सा महज 21% है. इसके अतिरिक्त, सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक टोल प्लाजा पर लगभग 60% यातायात निजी वाहनों का होता है, जबकि वाणिज्यिक वाहनों का वितरण पूरे दिन और रात समान रहता है.
सूत्रों का कहना है कि इस पास के कारण कुछ वर्षों में राजस्व में कमी नहीं होगी, हालांकि शुरूआत में NHAI को कुछ राजस्व का त्याग करना पड़ेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 05, 2025 01:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

