Ladki Bahin Yojana e-KYC Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. योजना के तहत ई-केवायसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी करने में आ रही तकनीकी दिक्कतों और गलतियों को देखते हुए सरकार ने अब लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) का निर्णय लिया है. यह कदम उन महिलाओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जिनका डेटा तकनीकी कारणों से अपडेट नहीं हो पाया था.
अंगणवाडी सेविकाएं करेंगी प्रत्यक्ष सत्यापन
मंत्री आदिती तटकरे ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि ई-केवायसी की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी. हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान यह देखा गया कि कई लाभार्थियों ने अनजाने में गलत विकल्प चुन लिए थे. इस समस्या के समाधान के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्रीय स्तर पर अंगणवाडी सेविकाओं के माध्यम से लाभार्थियों का प्रत्यक्ष सत्यापन सुनिश्चित करें. इससे पात्र महिलाओं की पहचान सटीक रूप से हो सकेगी. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: क्या लाड़की बहन योजना की दिसंबर और जनवरी महीने की दोनों किस्तें एक साथ मिलेंगी? जानें भुगतान की नई डेट
दिसंबर और जनवरी की किस्त का इंतजार
योजना के नियमों के अनुसार, 21 से 65 वर्ष की आयु की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. नवंबर महीने की किस्त ज्यादातर महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है. अब राज्य की करोड़ों महिलाएं दिसंबर और जनवरी महीने की किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं. ई-केवायसी और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही रुकी हुई राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी.
तारीख बढ़ाने की उठी मांग
ई-केवायसी की मुदत खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर कई महिलाओं ने मंत्री से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है. कई यूजर्स का कहना है कि ओटीपी (OTP) न आने के कारण उनकी ई-केवायसी अधूरी रह गई है. हालांकि, सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर तारीख बढ़ाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होने से उन महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है जो ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी थीं.
योजना का मुख्य उद्देश्य और पात्रता
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके स्वास्थ्य व पोषण में सुधार करना है.
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इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है.
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अब तक राज्य की लगभग 2 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं.
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योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार अब पात्रता के नियमों का कड़ाई से पालन कर रही है.













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