7th Pay Commission: महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 11% की वृद्धि से सरकारी कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा फायदा, जानें डिटेल्स
मोदी सरकार ने आखिरकार डेढ़ साल बाद केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत में बढ़ोतरी कर बड़ी सौगात दी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट समिति ने कल (14 जुलाई) केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले डीए और पेंशनभोगियों को दी जाने वाली डीआर को 1 जुलाई 2021 से बढ़ाकर 28% करने की मंजूरी दे दी. जो कि मूल वेतन और पेंशन के 17 फीसदी की मौजूदा दर में 11 फीसदी अधिक है.
7th CPC Latest News: मोदी सरकार ने आखिरकार डेढ़ साल बाद केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत में बढ़ोतरी कर बड़ी सौगात दी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट समिति ने कल (14 जुलाई) केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले डीए और पेंशनभोगियों को दी जाने वाली डीआर को 1 जुलाई 2021 से बढ़ाकर 28% करने की मंजूरी दे दी. जो कि मूल वेतन और पेंशन के 17 फीसदी की मौजूदा दर में 11 फीसदी अधिक है. 7th Pay Commission: राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों एवं पेंशन भोगियों को दिया बड़ा तोहफा, महंगाई भत्ते में की इतनी बढ़ोतरी
कोविड-19 महामारी से उत्पन्न हुई आर्थिक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों को दी जाने वाली महंगाई राहत (डीआर) की तीन अतिरिक्त किस्तों- 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से देय थीं, पर रोक (फ्रीज) लगा दी गई थी.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक जुलाई से डीए और डीआर की तीन किस्तों को बहाल करने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत को 1 जुलाई 2021 से बढ़ाकर 28 फीसदी करने का निर्णय लिया है, जो मूल वेतन व पेंशन के 17% की मौजूदा दर में 11% की वृद्धि को दर्शाता है. यह वृद्धि 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 को देय अतिरिक्त किस्तों को दर्शाती है. जबकि 1 जनवरी 2020 से लेकर 30 जून 2021 तक की अवधि के लिए महंगाई भत्ता व महंगाई राहत की दर 17% पर ही यथावत रहेगी.
यह वृद्धि डेढ़ साल के अंतराल पर की गयी है और इससे केंद्र सरकार के करीब 1.14 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा. जबकि डीए और डीआर में बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर 34,401 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दोनों के कारण राजकोष पर वित्त वर्ष 2021-22 (जुलाई, 2021 से फरवरी, 2022 तक आठ महीने की अवधि के लिए) में 22,934.56 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा और प्रति वर्ष 34,401.84 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2021 12:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

