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Driving License Cancellation: यूपी में बार-बार चालान होने पर रद्द होगा लाइसेंस, योगी सरकार का सख्त फैसला

सीएम योगी ने सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं, जिसमें बार-बार चालान होने पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान शामिल है. सभी जिलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम और महाकुंभ के लिए बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की योजना बनाई गई है, ओवरलोडिंग, नाबालिग ड्राइविंग और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.

Driving License Cancellation: यूपी में बार-बार चालान होने पर रद्द होगा लाइसेंस, योगी सरकार का सख्त फैसला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए बड़े फैसले लिए हैं. सीएम ने कहा है कि किसी वाहन का बार-बार चालान होने पर संबंधित व्यक्ति का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. यह निर्देश उन्होंने सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए. इस बैठक में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान बेहतर यातायात व्यवस्था पर भी जोर दिया गया.

महाकुंभ में ट्रैफिक व्यवस्था होगी मजबूत

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महाकुंभ में यातायात की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इसके लिए पीआरडी और होमगार्ड की संख्या बढ़ाने की बात कही गई. उन्होंने यह भी कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें 5 जनवरी तक हर हाल में आयोजित की जाएं.

सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

6 से 10 जनवरी तक सभी स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे. सीएम योगी ने कहा कि सड़क हादसों में हर साल 23-25 हजार लोगों की जान जाना राज्य और देश के लिए भारी नुकसान है. यह दुर्घटनाएं अक्सर जागरूकता की कमी के कारण होती हैं.

उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह सिर्फ लखनऊ तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में इसका आयोजन किया जाए. हर महीने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें पुलिस, आरटीओ, नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग और चिकित्सा अधिकारी शामिल हों.

बार-बार चालान पर कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी वाहन का बार-बार चालान कटने पर लाइसेंस और परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाए. यह कार्रवाई फॉस्टैग से जोड़ी जाए ताकि उल्लंघन को सटीक तरीके से ट्रैक किया जा सके.

सड़क सुरक्षा के लिए अन्य निर्देश

  • ओवरलोडिंग पर सख्ती: ओवरलोड वाहनों को स्टार्टिंग पॉइंट पर ही रोका जाए.
  • साइनेज और होर्डिंग्स: सड़कों पर साइनेज अनिवार्य रूप से लगवाए जाएं. सड़क सुरक्षा से जुड़े होर्डिंग सभी जिलों, तहसीलों, थानों और नगर निकायों में लगाए जाएं.
  • ई-रिक्शा और नाबालिग ड्राइविंग पर रोक: नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर सख्ती की जाए. ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन को सुव्यवस्थित किया जाए.
  • क्रेन सेवा: एक्सप्रेसवे और हाइवे पर खड़े लोडेड वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटवाया जाए.
  • रोड सेफ्टी पार्क: प्रत्येक जिले में रोड सेफ्टी क्लब और पार्क बनाए जाएं.

जागरूकता के लिए ठोस पहल

सीएम योगी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं. हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए.

बैठक में शामिल अधिकारी

इस बैठक में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

सीएम योगी आदित्यनाथ का यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और प्रदेश में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल है. इससे न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में यातायात का सुचारू संचालन भी सुनिश्चित होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 02, 2025 08:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).