Chandrapur News: महाराष्ट्र (Maharashtra) के चंद्रपुर (Chandrapur) जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली कर्ज (Loan) ने एक किसान की जिंदगी तबाह कर दी. कर्ज के बोझ से दबे किसान को अपनी जान बचाने के लिए किडनी (Kidney) तक बेचनी पड़ी. अब मेडिकल जांच में पुष्टि हुई है कि किसान के शरीर में केवल एक ही किडनी बची है.पीड़ित किसान का नाम रोशन सदाशिव कुडे है, उम्र 29 वर्ष.
वह मिन्थूर गांव (Minthur Village) का निवासी है और नागभीड़ तहसील (Nagbhid Tehsil) में चार एकड़ जमीन पर खेती करता है. खेती में नुकसान होने के बाद उसने अतिरिक्त आमदनी के लिए डेयरी व्यवसाय (Dairy Business) शुरू करने का फैसला किया और इसी के लिए कर्ज लिया. ये भी पढ़े:Meerut: केएमसी अस्पताल पर 2017 में सर्जरी के दौरान महिला की किडनी निकालने और मेडिकल रिकॉर्ड नष्ट करने का आरोप, कोर्ट ने 6 लोगों के खिलाफ़ FIR दर्ज करने का दिया आदेश- VIDEO
50 हजार का कर्ज बना 74 लाख की मांग
किसान ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में उसने दो निजी साहूकारों (Private Moneylenders) से 50 हजार रूपए उधार लिए थे। आरोप है कि इन साहूकारों ने 40 प्रतिशत मासिक ब्याज (40% Monthly Interest) लगाया, जिसके चलते कुछ समय बाद कर्ज की रकम 74 लाख रूपए तक पहुंचा दी गई.
किडनी बेचने का दिया गया सुझाव
रोशन कुडे का आरोप है कि जब वह इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ हो गया, तो एक साहूकार ने उसे किडनी बेचने (Kidney Selling) का सुझाव दिया. मजबूरी में उसने इंटरनेट (Internet) पर तलाश की और एक एजेंट (Agent) के संपर्क में आया. एजेंट उसे पहले कोलकाता (Kolkata) ले गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण (Medical Test) हुआ. इसके बाद उसे कंबोडिया (Cambodia) भेजा गया, जहां उसकी किडनी निकाली गई. किसान का दावा है कि इसके बदले उसे करीब 8 लाख रूपए मिले.
मेडिकल जांच में खुलासा
इस मामले के सामने आने के बाद रोशन कुडे की चंद्रपुर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (Chandrapur Medical College and Hospital) में जांच कराई गई.डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसके शरीर में केवल एक किडनी है. इसके बाद पुलिस जांच को और तेज कर दिया गया.
छह साहूकार गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में किशोर बावनकुले , प्रदीप बावनकुले, संजय बल्लारपुरे , लक्ष्मण उरकुड़े, मनीष घाटबंधे और सत्यवान बोरकर को आरोपी बनाया है. मामला ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन (Brahmapuri Police Station) में दर्ज किया गया है.
पुलिस का बयान
चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक सुदर्शन मुम्मका (SP Sudarshan Mummaka) ने बताया कि किसान के बैंक और लेन-देन (Financial Transactions) की जांच की जा रही है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने कई साहूकारों से कर्ज लिया था.इस मामले में गिरफ्तार छह में से पांच आरोपियों को 20 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी (Police Custody) में भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में साहूकारी और कर्ज के खतरनाक जाल (Debt Trap) की सच्चाई उजागर करता है.













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