'मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं': कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के बाद एमपी मंत्री विजय शाह ने लिया 'जुबान पर नियंत्रण' का संकल्प (Watch Video)
कुंवर विजय शाह और सोफिया कुरैशी (Photo Credits: ANI)

इंदौर, 9 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री (Madhya Pradesh Cabinet Minister) कुंवर विजय शाह (Kunwar Vijay Shah) ने शनिवार को इंदौर (Indore) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी (Indian Army officer Colonel Sofiya Qureshi) के खिलाफ अपनी पिछली विवादित टिप्पणियों के लिए नई माफी जारी की है. मंत्री ने कहा कि उनका इरादा कभी भी सेना या किसी महिला अधिकारी का अपमान करना नहीं था और उनके शब्द 'देशभक्ति के जोश' (Patriotic Fervor) में बहकर निकल गए थे. यह भी पढ़ें: जालंधर में AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या: पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 'विश्वासघाती' ड्राइवर ही निकला मददगार

क्या था विवाद और मंत्री के बिगड़े बोल?

यह विवाद मई 2025 का है, जब विजय शाह का एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ था.  उस वीडियो में मंत्री ने कथित तौर पर कर्नल सोफिया कुरैशी—जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सेना की मीडिया ब्रीफिंग का प्रमुख चेहरा थीं—को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया था जिससे यह संकेत गया कि वे पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों की "बहन" हैं।

इस बयान पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सख्त नाराजगी जताते हुए इसे "गटर की भाषा" (Language of The Gutters) करार दिया था.

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और कानूनी दबाव

विजय शाह की यह ताज़ा माफी भारी कानूनी दबाव के बाद आई है. 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर यह तय करने का निर्देश दिया था कि क्या शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जानी चाहिए.

  • न्यायालय की टिप्पणी: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंत्री की पिछली माफी की ईमानदारी पर सवाल उठाए थे और उन्हें 'ऑनलाइन' और देरी से दी गई स्पष्टीकरण माना था.
  • संभावित एफआईआर: अभियोजन की मंजूरी मिलने की स्थिति में मंत्री पर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है.

'अपनी वाणी पर नियंत्रण रखूंगा': विजय शाह

शनिवार को माफी मांगते हुए शाह ने कहा, 'मैं पहले भी कई बार कह चुका हूं और आज फिर दोहरा रहा हूं कि मेरा इरादा किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का नहीं था. उत्तेजना और आवेश में बोले गए वे शब्द मेरी सच्ची भावनाओं को नहीं दर्शाते.'

उन्होंने आगे कहा कि इस घटना ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में शालीनता बनाए रखने का सबक सिखाया है. 'सार्वजनिक जीवन में शब्दों की संवेदनशीलता बहुत महत्वपूर्ण है. मैंने अपनी गलती से सबक लिया है और भविष्य में अपनी वाणी पर पूर्ण नियंत्रण रखूंगा.' यह भी पढ़ें: Bengal Assembly Election: बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले BJP की ‘संकल्प पत्र परामर्श यात्रा’, ड्रॉप बॉक्स और टोल-फ्री नंबर से मांगे जनता के सुझाव

‘देशभक्ति का जोश, द्वेष नहीं’

 

कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?

कर्नल सोफिया कुरैशी एक प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारी हैं. उन्होंने भारत की सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मीडिया को ब्रीफिंग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. शाह ने शुरू में अपने कमेंट्स का बचाव करते हुए कहा था कि उन्हें संदर्भ से हटकर पेश किया गया है, लेकिन अदालती सख्ती के बाद अब वे लगातार खेद प्रकट कर रहे हैं.