हरियाणा की 7 वर्षीय बेटी ने किया कमाल, दिव्यांशी सिंघल बनीं Google 2019 के Doodle की भारतीय विनर
हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले साल साल की दिव्यांशी संघल ने छोटी सी उम्र में बड़ा कमाल कर दिखाया है. दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली दिव्यांशी गूगल 2019 के डूडल की विनर बन गई हैं. बता दें कि दिव्यांशी ने भारत में गूगल 2019 के डूडल के आयोजित प्रतियोगिता में न सिर्फ हिस्सा लिया, बल्कि उसकी विजेता भी बनी.
गुरुग्राम: हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) में रहने वाली 7 साल की दिव्यांशी सिंघल (Divyanshi Singhal) ने छोटी सी उम्र में बड़ा कमाल कर दिखाया है. दूसरी कक्षा (Class 2) में पढ़ने वाली दिव्यांशी गूगल 2019 (Google 2019) के डूडल (Doodle) की विनर बन गई हैं. बता दें कि दिव्यांशी ने भारत में गूगल 2019 डूडल के लिए आयोजित प्रतियोगिता में न सिर्फ हिस्सा लिया, बल्कि उसकी विजेता भी बनी. इस प्रतियोगिता में कक्षा 1-10वीं तक के छात्रों की 1 लाख से भी ज्यादा प्रस्तुतियां मिली हैं. गूगल 2019 के लिए डूडल की भारत विजेता बनीं दिव्यांशी सिंघल का कहना है कि जब वो गर्मी की छुट्टियों में अपनी दादी के घर गई तो देखा कि पेड़ काटे जा रहे हैं. दिव्यांशी की मानें तो यह देखकर उसे बहुत बुरा लगा और उसने सोचा कि अगर पेड़ चल सकते तो वो कटने से बच सकते हैं.
गूगल 2019 के डूडल की विजेता-
Haryana: A 7-yr-old class 2 student, Divyanshi Singhal from Gurugram has won 2019 Doodle for Google competition in India. She doodled her hope to have 'walking trees' in the future. The competition received submissions from over 1 lakh children from classes 1-10. pic.twitter.com/24BPGW3eoz
— ANI (@ANI) November 15, 2019
बता दें कि सात वर्षीय दिव्यांशी ने अपनी दादी के घर जाने के बाद जब पेड़ों को कटता हुए देखा तो वो रोने लगी, क्योंकि उसे स्कूल में पढ़ाया गया था कि पेड़ों से मिलने वाला ऑक्सीजन पेड़ों की कटाई के कारण कम हो रहा है. इसके बाद दिव्यांशी की मां ने उसे एक ड्रॉइंग शीट दी और उससे कहा कि पेड़ों के कटने से उसके दिमाग में जो ख्याल आ रहे हैं, उन्हें वो चित्र के रूप में ड्रॉइंग शीट पर बनाकर दिखाए. यह भी पढ़ें: बाल दिवस भारत 2019: गूगल ने डूडल बनाकर खास अंदाज में दी इस दिन की बधाई
गौरतलब है कि दिव्यांशी ने एक चित्र बनाया जिसमें उसने पेड़ों को जूते पहनाए, उन पर पंख लगा दिए ताकि वे चल सकें और उन्हें कटने से बचाया जा सके. दिव्यांशी की मां ने उसकी पेंटिंग को गूगल द्वारा आयोजित प्रतियोगिता 'द वॉकिंग ट्री' में भेज दिया, लेकिन जब इसके नतीजे सामने आए तो दिव्यांशी और उसकी मां की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा. बता दें कि दिव्यांशी के इस चित्र ने 1.1 लाख प्रतिस्पर्धियों में पहला स्थान प्राप्त किया. इसके बाद बाल दिवस के मौके पर गूगल ने दिव्यांशी द्वारा बनाए गए चित्र को डूडल में स्थान दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 15, 2019 08:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

