Bheemanna Khandre Passes Away: कर्नाटक की राजनीति के भीष्म पितामह (Former Karnataka Minister) कहे जाने वाले वयोवृद्ध कांग्रेस नेता (Congress Leader) और पूर्व मंत्री भीमन्ना खांद्रे (Bheemanna Khandre) का शुक्रवार देर रात निधन हो गया. 102 वर्षीय खांद्रे ने बीदर जिले के भाल्की (Bhalki) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. उनके बेटे और कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांद्रे (Karnataka Forest Minister Eshwar Khandre) ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की. वे पिछले दो हफ्तों से सांस लेने में तकलीफ और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.
वीरशैव लिंगायत समुदाय के एक सम्मानित चेहरे, भीमन्ना खांद्रे का जाना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है. उनके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं. यह भी पढ़ें: Hidayat Patel Passed Away: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिदायत पटेल का अस्पताल में हुआ निधन, 6 जनवरी की रात अकोला में हुआ था घायल
सार्वजनिक सेवा का लंबा सफर
पेशे से वकील रहे भीमन्ना खांद्रे भारत की आजादी के तुरंत बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो गए थे. उनकी चुनावी यात्रा 1953 में शुरू हुई जब वे भाल्की नगर पालिका के पहले अध्यक्ष चुने गए.
- विधायकी का सफर: उन्होंने 1962 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. वह चार बार विधायक (MLA) और दो बार विधान परिषद (MLC) के सदस्य रहे.
- मंत्री पद: पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली के कैबिनेट में उन्होंने परिवहन मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं.
भीमन्ना खंड्रे के निधन से दुखी हैं राहुल गांधी
Saddened by the demise of senior Congress leader Sri Bheemanna Khandre.
A freedom fighter, educationist, and stalwart Congressman, he devoted his entire life to the service of the nation and the people of Karnataka.
My heartfelt condolences to Eshwar Khandre ji, the Khandre… pic.twitter.com/66u4tEvrD3
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 17, 2026
सहकारिता आंदोलन के शिल्पी
भीमन्ना खांद्रे को उत्तर कर्नाटक में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने के लिए याद किया जाएगा.
- चीनी मिलों की स्थापना: उन्होंने हल्लीखेड़ा में बीदर सहकारी चीनी कारखाने और हुंजी में महात्मा गांधी चीनी कारखाने की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इन संस्थानों ने हजारों गन्ना किसानों के आर्थिक उत्थान में मदद की.
- सिंचाई परियोजनाएं: कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के शुष्क बेल्ट में पानी की पहुंच सुधारने के लिए उन्होंने नारंजा और कारंजा सिंचाई परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अहम योगदान दिया. यह भी पढ़ें: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री V S Achuthanandan का निधन; 101 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में खांद्रे ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लिया था. वे उन गिने-चुने नेताओं में से एक थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई और आधुनिक भारत के निर्माण, दोनों में अपनी भूमिका निभाई. बीदर जिले के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक पारदर्शिता के कारण उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान मिला.
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
भीमन्ना खांद्रे के निधन पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है. कर्नाटक सरकार ने उनके दशकों की निस्वार्थ सेवा को देखते हुए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भाल्की में रखा जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.













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