जम्मू: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष (Former Chief Minister and National Conference President) फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) बुधवार शाम एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए. जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश (Greater Kailash) में एक शादी समारोह (Wedding Ceremony) के दौरान एक हथियारबंद हमलावर ने उन पर बेहद नजदीक (पॉइंट-ब्लैंक रेंज) से गोली चला दी. ज़ेड-प्लस सुरक्षा घेरे में तैनात सतर्क जवानों ने हमलावर को गोली चलाते ही दबोच लिया, जिससे फारूक अब्दुल्ला और वहां मौजूद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी सुरक्षित बच निकले. यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर के लिए ट्रेन पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी वरदान: फारूक अब्दुल्ला
शादी समारोह में मची अफरातफरी
यह घटना रात लगभग 8:00 बजे एक प्रमुख मैरिज हॉल में हुई, जहाँ फारूक अब्दुल्ला पार्टी नेता बी.एस. चौहान के बेटे की शादी में शामिल होने पहुंचे थे. चश्मदीदों के अनुसार, जब नेता समारोह स्थल से बाहर निकल रहे थे, तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई और भगदड़ मच गई. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी के चारों ओर मानव ढाल बना ली और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए.
फारूक अब्दुल्ला की हत्या की कोशिश
VIDEO | CCTV footage of National Conference president Farooq Abdullah and Jammu and Kashmir Deputy Chief Minister Surinder Choudhary when they escaped unhurt in an attack by a gunman outside a marriage hall in the outskirts of Jammu on Wednesday night.
The accused, Kamal Singh… pic.twitter.com/uv73vYJqCm
— Press Trust of India (@PTI_News) March 11, 2026
हमलावर गिरफ्तार, शराब के नशे में होने का संदेह
पुलिस ने हमलावर की पहचान 70 वर्षीय कमल सिंह जमवाल के रूप में की है, जो पुरानी मंडी का निवासी है. हमलावर समर्थकों की भीड़ में शामिल होकर सुरक्षा की शुरुआती परतों को पार करने में सफल रहा था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने उसे पिस्तौल के साथ दबोच लिया. गिरफ्तारी के समय आरोपी कथित तौर पर शराब के नशे में था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह सुनियोजित हत्या का प्रयास था या किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा.
ज़ेड-प्लस सुरक्षा में सेंध पर उठे सवाल
इस घटना ने केंद्र शासित प्रदेश में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस "बड़ी सुरक्षा चूक" पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सवाल उठाया कि नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) द्वारा संरक्षित एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई हथियारबंद व्यक्ति कैसे पहुँच सकता है.
ओमर अब्दुल्ला ने कहा, 'अभी जवाबों से ज़्यादा सवाल सामने हैं. यह सुरक्षा टीम की त्वरित प्रतिक्रिया ही थी जिसने गोली के निशाने को विक्षेपित किया और इस प्रयास को विफल कर दिया.'
सुरक्षा घेरे की समीक्षा के आदेश
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. हमलावर से केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं ताकि किसी बड़े साजिशी पहलू का पता लगाया जा सके.












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