Video: शर्मनाक! बुजुर्ग महिला को कर्मचारियों ने पेंशन के लिए पंचायत ऑफिस बुलाया, 2 किलोमीटर रेंगते हुए पहुंची, ओडिशा के क्योंझर जिले की घटना
ओड़िशा के क्योंझर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही को उजागर किया है. यहां पर एक 70 साल की महिला को रेंगते हुए 2 किलोमीटर दूर पंचायत ऑफिस में जाना पड़ा.
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Video: सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आम लोगों के प्रति बेरुखी सभी को पता है. लेकिन ओड़िशा के क्योंझर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही को उजागर किया है. यहां पर एक 70 साल की महिला को रेंगते हुए 2 किलोमीटर दूर पंचायत ऑफिस में जाना पड़ा.
बुजुर्ग महिला चल नहीं सकती, कोई मदद करनेवाला नहीं होने की वजह से उन्हें अपनी पेंशन लेने के लिए हाथों के बल बैठकर 2 किलोमीटर का सफ़र तय करना पड़ा. सोशल मीडिया पर ये वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है. जिसने एक बार फिर डिजिटल इंडिया की पोल खोलकर रख दी है. घटना केऊंझर जिले के तेलकोई ब्लॉक अंतर्गत रायसुआं पंचायत से सामने आई है. इस बुजुर्ग महिला का नाम पाथुरी देहुरी बताया जा रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद खोखले सिस्टम की हकीकत भी सबके सामने आई है. ये भी पढ़े:Odisha Shocker: आदिवासी समुदाय की लड़की का शव बरामद, परिजनों ने बलात्कार-हत्या का लगाया आरोप
पेंशन के लिए बुजुर्ग महिला रेंगते हुए पंचायत ऑफिस पहुंची
80-year-old woman was forced to crawl nearly 2 km to panchayat office in Telkoi block of Odisha's Keonjhar to collect her old-age pension, despite a government directive to deliver the allowances to homes of elderly and disabled beneficiaries.@CMO_Odisha @BJP4Odisha… pic.twitter.com/DbtXXIrU74
— Siddhant Anand (@JournoSiddhant) September 24, 2024
बता दें की सरकार ने बुजुर्गों को और विकलांगों को उनकी पेंशन घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए है. लेकिन बुजुर्ग महिला का कहना है की उन्हें पंचायत के कर्मचारी ने महीने की पेंशन लेने के लिए ऑफिस बुलाया था, जिसके कारण उन्हें जाना पड़ा.
ये ग्रामपंचायत ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी के गृह जिले के क्योंझर के तेलकोई ब्लॉक के अंतर्गत है. इस घटना के बाद तेलकोई ब्लॉक विकास अधिकारी गीता मुर्मू ने पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया की पहले ओल्डेज पेंशन उनके बैंक अकाउंट में भेजी गई थी, लेकिन जब वो बीमार हो गई तो उन्होंने बैंक जाने में असहमति दिखाई, जिसके कारण उन्हें पेंशन यही से हाथों हाथ दी जाती थी.
मुर्मू ने जानकारी देते हुए कहा की ,' पंचायत विस्तार अधिकारी को हर महीने देहुरी को उनके घर पर ओल्डेज पेंशन देने के लिए कहा गया है. उन्हें एक व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ ही रायसुआं के सरपंच बागुन चांपिया ने कहा कि बुजुर्ग को उनके दरवाजे पर राशन उपलब्ध कराया जाएगा. इस वीडियो को ट्विटर एक्स पर @JournoSiddhant नाम के हैंडल से शेयर किया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2024 08:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

