ईवीएम में खराबी हो सकती है लेकिन छेड़छाड़ नहीं, चुनाव आयोग ने फिर खारिज की बैलट पेपर से वोटिंग की मांग
मुख्य निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर राजनीतिक दलों की आशंका को दूर करते हुए कहा कि इससे छेड़छाड़ करना नामुमकिन है.
मुंबई: मुख्य निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने एक बार फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर राजनीतिक दलों की आशंका को दूर करते हुए कहा कि इससे छेड़छाड़ करना नामुमकिन है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) ने बुधवार को कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने बैलेट पेपर (Ballot Paper) के माध्यम से मतदान कराने की मांग की है. लेकिन यह संभव नहीं है और यह अब इतिहास बन चुका है.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले तैयारियों का जायजा लेने मुंबई पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि कुछ राजनीतिक दलों ने राज्य में चुनाव दिवाली के बाद करवाने की मांग की है. इस दौरान उन्होंने ईवीएम से छेड़छाड़ का संभावनाओं को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन में खराबी हो सकती है लेकिन छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है.
Chief Election Commissioner Sunil Arora: Electronic Voting Machines (EVMs) cannot be tampered. EVMs can malfunction but cannot be tampered. https://t.co/yTbyz2748i
— ANI (@ANI) September 18, 2019
गौरतलब हो कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) समेत कई दलों ने चुनाव आयोग से राज्य में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी. चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक कर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने ईवीएम को लेकर अपनी चिंताएं जताई थी.
एनसीपी के अलावा कांग्रेस, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और अन्य छोटे दलों के शीर्ष नेताओं ने आरोप लगाया था कि पिछले लोकसभा चुनाव में ईवीएम में कई विसंगतियां थीं, जिसने लोगों के मन में गंभीर संदेह पैदा किया है. इसलिए लोगों के जनादेश में पारदर्शिता लाने के लिए मतदान के लिए बैलेट पेपर प्रणाली को वापस लाना ही चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2019 07:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

