Darbhanga Video: दरभंगा रेलवे स्टेशन पर 10 रूपए के बिस्कुट चोरी के आरोप में बुजुर्ग महिला से बदसलूकी, दुकानदार ने जमीन पर पटका, लोग देखते रहे तमाशा
दरभंगा रेलवे स्टेशन के अमानवीय हरकत सामने आई है. जहांपर के बुजुर्ग महिला के साथ एक दुकानदार ने हाथापाई की. इस महिला पर दुकानदार ने आरोप लगाया था कि इस दुकान से बिस्कुट चुराएं थे.
दरभंगा, बिहार: दरभंगा रेलवे स्टेशन के अमानवीय हरकत सामने आई है. जहांपर के बुजुर्ग महिला के साथ एक दुकानदार ने हाथापाई की. इस महिला पर दुकानदार ने आरोप लगाया था कि इस दुकान से बिस्कुट चुराएं थे.दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सामने आए एक वायरल वीडियो ने देशभर में इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में एक भूखी बुज़ुर्ग महिला पर चोरी का आरोप लगाया गया .सिर्फ 10 रूपए के बिस्कुट के लिए.लेकिन जो हुआ वो सिर्फ आरोप नहीं था, बल्कि हमारे समाज की संवेदनहीनता का सजीव चित्र था. इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग जमकर दुकानदार को कोस रहे है.
इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @WeUttarPradesh नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Kalesh in Train: फोन चार्जिंग पॉइंट को लेकर दिल्ली दरभंगा ट्रेन में महिला और लड़के के बीच लड़ाई, वीडियो वायरल
बुजुर्ग महिला को दुकानदार ने जमीन पर पटका
"क्या अब इंसानियत भी बिकने लगी है?" – एक वायरल वीडियो ने झकझोर दिया समाज का ज़मीर।
दरभंगा स्टेशन पर #वायरल हुआ एक वीडियो इस बात का प्रमाण है कि हमारा समाज अब सिर्फ दिखावे में जिंदा रह गया है, इंसानियत और संवेदना कहीं पीछे छूट गई हैं।
वीडियो में दिख रही एक बुज़ुर्ग महिला पर आरोप… pic.twitter.com/HLyxUHSs31
— UttarPradesh.ORG News (@WeUttarPradesh) June 12, 2025
जमीन पर फेंकी गई भूखी महिला
वीडियो में देखा गया कि महिला को कैंटीन मालिक ने जमीन पर धक्का देकर पटक दिया. उसके खिलाफ लगे आरोप सही थे या नहीं, यह तो बाद की बात है, लेकिन एक वृद्ध महिला के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता. इस दौरान जब एक युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो दुकानदार ने मना किया. इसके बाद उस युवक ने कहा कि इसको मैं सोशल मीडिया पर डालूंगा.
क्या भूख की सज़ा बेइज्जती है?
आज हम कहते हैं कि बुज़ुर्गों का सम्मान करना हमारी संस्कृति है. लेकिन जब एक बेसहारा बुज़ुर्ग महिला सिर्फ खाने के लिए कुछ उठाती है, तो समाज उसे सम्मान देने की बजाय सार्वजनिक तौर पर रौंद देता है. क्या यही हमारी संस्कृति की असली तस्वीर है?ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि आज करुणा की जगह क्रूरता, और सहायता की जगह सज़ा ने ले ली है.समाज में कहीं न कहीं संवेदनशीलता की जगह अब शंका, अपमान और क्रोध ने कब्जा कर लिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2025 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

