Mumbai University Exams Reschedules: मुंबई यूनिवर्सिटी की जनवरी में होने वाली परीक्षाएं चुनाव के चलते फिर टलीं, अब फरवरी में होंगे पेपर

Mumbai University January:  महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग द्वारा जिला परिषद चुनावों की घोषणा के बाद मुंबई विश्वविद्यालय (MU) ने जनवरी 2026 में होने वाली अपनी शीतकालीन सत्र की परीक्षाओं के शेड्यूल में एक और बदलाव किया है. विश्वविद्यालय द्वारा जारी ताजा सर्कुलर के अनुसार, जो परीक्षाएं पहले जनवरी के मध्य में निर्धारित थीं, उन्हें अब फरवरी 2026 तक आगे बढ़ा दिया गया है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में कर्मचारियों की ड्यूटी और मतदान केंद्रों के रूप में कॉलेजों के उपयोग के कारण यह निर्णय लिया गया है. यह भी पढ़े:  BMC Election Result 2026: बीएमसी चुनाव में ‘महायुति’ की बड़ी जीत, BJP-शिंदे गठबंधन को बहुमत! शिवसेना UBT सत्ता से बाहर

संशोधित परीक्षा तिथियां (Revised Dates)

छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने पुरानी और नई तारीखों का विवरण साझा किया है. नीचे दी गई तालिका के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी:

मूल तारीख (Original Date) संशोधित तारीख (Revised Date)
14 जनवरी, 2026 17 फरवरी, 2026
15 जनवरी, 2026 18 फरवरी, 2026
16 जनवरी, 2026 20 फरवरी, 2026
07 फरवरी, 2026 21 फरवरी, 2026

नोट: परीक्षाओं के समय (Timings) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सभी पेपर अपने पुराने निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगे.

बार-बार क्यों बदलना पड़ा शेड्यूल?

यह पहली बार नहीं है जब इन परीक्षाओं की तारीखें बदली गई हैं. इससे पहले नगर निगम चुनावों (Municipal Corporation Elections) के कारण इन परीक्षाओं को जनवरी में रीशेड्यूल किया गया था. अब जिला परिषद चुनावों की संवैधानिक अनिवार्यताओं के चलते विश्वविद्यालय को दूसरी बार यह फैसला लेना पड़ा है.

कॉलेजों और विभागों को सख्त निर्देश

मुंबई विश्वविद्यालय के परीक्षा अनुभाग (कालीना, विद्यानगरी) द्वारा जारी अधिसूचना को ठाणे, कल्याण और रत्नागिरी के सभी उप-केंद्रों के साथ-साथ सभी संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों को भेज दिया गया है. विश्वविद्यालय ने विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत छात्रों को इन बदलावों के बारे में सूचित करें ताकि अंतिम समय में किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो.

शैक्षणिक सत्र पर प्रभाव

विज्ञान, कला, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, फार्मेसी और कानून जैसे विभिन्न संकायों के लाखों छात्रों के लिए यह बदलाव असुविधाजनक हो सकता है. हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि इस बार के संशोधन के बाद शीतकालीन सत्र 2025 की शेष परीक्षाएं बिना किसी रुकावट के संपन्न हो सकेंगी.