नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में प्रदूषण (Pollution) की समस्या गंभीर बनी हुई है. गुरुवार (26 फरवरी 2026) को लगातार पांचवें दिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता (Air Quality) 'खराब' श्रेणी में रिकॉर्ड की गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) यानी सीपीसीबी (CPCB) के सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार (Anand Vihar) जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) (AQI) 299 तक पहुंच गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी के करीब है. प्रदूषण के साथ-साथ उत्तर भारत (North India) में तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे फरवरी के महीने में ही गर्मी का अहसास होने लगा है. यह भी पढ़ें: Delhi-NCR Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत! वायु प्रदूषण में सुधार के बाद GRAP-3 के प्रतिबंध हटाए गए; VIDEO
दिल्ली के विभिन्न इलाकों का हाल
CPCB के अनुसार, गुरुवार सुबह दिल्ली के अलग-अलग निगरानी केंद्रों पर AQI की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
- आनंद विहार: 299 (बेहद खराब के करीब)
- रोहिणी व वज़ीरपुर: 246
- चांदनी चौक: 233
- बवाना: 269
- अशोक विहार: 212
- आईआईटी दिल्ली: 143 (मध्यम)
ज्यादातर इलाकों में हवा 'खराब' से 'मध्यम' श्रेणी के बीच बनी हुई है. प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने हाल ही में 6 नए निगरानी केंद्र (CAAQMS) शुरू किए हैं, जिससे अब दिल्ली में कुल स्टेशनों की संख्या 46 हो गई है—जो देश में सबसे अधिक है.
दिल्ली के कुछ हिस्सों में धुंध की परत, हवा की गुणवत्ता चिंताजनक
VIDEO | Delhi: Parts of the national capital witness a layer of haze as air quality remains a concern. Early morning visuals from India Gate Kartavya Path areas.#Delhi #WeatherUpdate
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/Pv2Dd2qN76
— Press Trust of India (@PTI_News) February 26, 2026
धूल नियंत्रण के लिए राज्यों के बीच समझौता
सड़क की धूल (Road Dust), जो PM10 प्रदूषण का एक मुख्य कारक है, उसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लोक निर्माण विभागों (PWD) ने एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत 'रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम' (RAMS) लागू किया जाएगा, ताकि धूल को उड़ने से रोका जा सके और वायु गुणवत्ता में सुधार हो.
NCERT की किताबों में प्रदूषण का जिक्र
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली-NCR के प्रदूषण की समस्या अब स्कूली शिक्षा का भी हिस्सा बन गई है. NCERT की कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में शहरी भारत की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए दिल्ली के ‘400 के पार AQI’ का उल्लेख किया गया है. किताब में बेतरतीब शहरीकरण, बढ़ती गाड़ियों और 'अर्बन हीट आइलैंड' के कारण बढ़ते तापमान को प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती बताया गया है.
समय से पहले गर्मी की दस्तक
फरवरी का महीना अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान में दिन के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 36 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है.
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में आज का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो शुक्रवार तक 32 डिग्री तक पहुंच सकता है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे जिलों में भी गर्मी का प्रकोप बढ़ने की संभावना है.











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