Delhi Assembly Elections 2025: संगम विहार में भाजपा एक बार ही जीती, क्या 'आप' को जीत का चौका लगाने से रोक पाएगी
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से एक संगम विहार है. यह दक्षिणी दिल्ली की अहम सीट है. ऐसी सीट जिस पर 15 साल से आम आदमी पार्टी काबिज है तो भाजपा 2008 के बाद जीत को छू कर निकल गई है.
नई दिल्ली, 10 जनवरी : दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से एक संगम विहार है. यह दक्षिणी दिल्ली की अहम सीट है. ऐसी सीट जिस पर 15 साल से आम आदमी पार्टी काबिज है तो भाजपा 2008 के बाद जीत को छू कर निकल गई है. क्या इस बार आप बाहर होगी? भाजपा सफल होगी या कांग्रेस वर्षों बाद जीत का स्वाद चख पाएगी? सवाल कई हैं जिसका जवाब सीट की डेमोग्राफी में छुपा है!
यहां पर भाजपा साल 2008 के बाद जीत नहीं पाई है. 2013, 2015 और 2020 में आम आदमी पार्टी से दिनेश मोहनिया लगातार तीन बार यहां पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. जीत का चौका लगाने के लिए पार्टी ने उन्हें चौथी बार यहां से टिकट दिया है. यह भी पढ़ें : जम्मू कश्मीर: राजौरी में नियंत्रण रेखा के पास दुर्लभ भारतीय पैंगोलिन बचाया गया
हालांकि, भाजपा ने इस विधानसभा सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. लेकिन, आप के गढ़ में सेंध लगाने के लिए कांग्रेस ने हर्ष चौधरी को मैदान में उतारा है. इस सीट के इतिहास की बात करें तो संगम विहार विधानसभा में साल 2020 में आप प्रत्याशी दिनेश मोहनिया ने बड़ी जीत हासिल की थी. उन्हें 75,345 वोट मिले थे. उन्होंने जेडीयू के प्रत्याशी को 40 हजार से अधिक वोटों से हराया था.
इससे पहले 2015 के विधानसभा चुनाव में दिनेश मोहनिया को 72,321 वोट मिले थे. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को 40 हजार से अधिक वोटों से हराया था. 2013 में भी महज 777 वोट से बाजी आम आदमी पार्टी के खाते में चली गई, भाजपा दूसरे नंबर पर थी. आप प्रत्याशी दिनेश मोहनिया को 24,851 वोट मिले थे.
2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी डॉ एस.सी.एल. गुप्ता ने चुनाव जीता था. उन्हें 20,332 वोट मिले थे. तब कांग्रेस के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे.
2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां पर जीत हासिल की थी. भाजपा के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर थे. 1998 के विधानसभा चुनाव में यहां से निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी. 1993 से जनता दल के प्रत्याशी ने यहां पर जीत हासिल की थी. संगम विहार विधानसभा में भले ही भाजपा को साल 2008 के बाद जीत नहीं मिली. लेकिन, पार्टी ने टक्कर तगड़ी दी और दूसरे नंबर पर रही. 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जेडीयू के लिए अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था.
समस्याएं यहां भी कमोबेश वही हैं जो दिल्ली के अन्य इलाकों में हैं. यहां रहने वालों के लिए सबसे बड़ी समस्या जलभराव, पीने के लिए स्वच्छ जल की अनुपलब्धता, ट्रैफिक मिस मैनेजमेंट है. यहां पर पूर्वांचल के लोगों की संख्या करीब 80 फीसदी है. ब्राह्मण, गुर्जर, मुस्लिम समुदाय की संख्या भी यहां पर अच्छी है संगम विहार में 1,98,913 वोटर हैं. जिसमें 1,13,611 पुरुष और 85,287 महिला वोटर हैं. 15 थर्ड जेंडर मतदाता हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को सिंगल फेज में होगा. चुनाव आयोग के मुताबिक कुल 83,49,645 पुरुष, 71,73,952 महिला और 1,261 थर्ड जेंडर को मिलाकर कुल 1.55 करोड़ मतदाता अपने बहुमूल्य अधिकार का प्रयोग करेंगे. नतीजे का ऐलान 8 फरवरी को होगा. चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही दिल्ली में चुनाव 'आदर्श आचार संहिता' लागू हो गई है, जिसके तहत सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता और चुनावी रैलियों के लिए पुलिस की अनुमति अनिवार्य है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 10, 2025 03:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

