डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध के बाद माना भारत, कोरोना वायरस से लड़ने में मददगार दवा देने के लिए तैयार
दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मंगलावर को सरकार ने कोविड-19 (COVID-19) महामारी के इलाज में इस्तेमाल होनेवाली हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) और पैरासिटामोल (Paracetamol) के निर्यात पर लगे प्रतिबंध में ढील दी है.
नई दिल्ली: दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मंगलावर को सरकार ने कोविड-19 (COVID-19) महामारी के इलाज में इस्तेमाल होनेवाली हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) और पैरासिटामोल (Paracetamol) के निर्यात पर लगे प्रतिबंध में ढील दी है. हालांकि यह केवल उन देशों को राहत देगा, जहां जानलेवा वायरस सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है.
केंद्र सरकार ने पिछले महीने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण परिस्थिति के बिगड़ने की आशंकाओं को देखते हुए हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन और पैरासिटामोल के निर्यात को बैन कर दिया था. देश में जरूरी दवाओं की कमी नहीं हो इसलिए हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन के अलावा पैरासिटामोल, टिनिडेजोल, मेट्रोनीडेजोल, ऐसीक्लोविर, विटामिन बी 1. विटामिन बी 6, विटामिन बी 12, प्रोजेस्टेरोन, क्लोरेमफेनिकोल, एरिथ्रोमाइसिन साल्ट, नियोमाइसीन, क्लिंडामाइसिन साल्ट, ऑरनीडिजोल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था. कोरोना संकट: चीन का अमानवीय चेहरा बेनकाब, दान देने वाले इटली से ही कर डाला उसी के पीपीई का सौदा
We will also be supplying these essential drugs to some nations who have been particularly badly affected by the pandemic. We would therefore discourage any speculation in this regard or any attempts to politicise the matter: Ministry of External Affairs (MEA) #COVID19 https://t.co/T4BPoXkLDM
— ANI (@ANI) April 7, 2020
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत उन सभी पड़ोसी देशों को मदद करेगा जो उस पर निर्भर हैं. इसके तहत इन देशों को उचित मात्रा में पेरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई की जाएगी. कोविड-19 महामारी को देखते हुए मानवीय आधार पर यह निर्णय लिया है. इसके साथ ही सरकार इन आवश्यक दवाओं की आपूर्ति महामारी से बुरी तरह प्रभावित कुछ और देशों में भी करेगी.
हालांकि भारत ने स्पष्ट कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए पहले दवाओं के जरूरी स्टॉक को परखा जाएगा और इसके बाद ही सर्वाधिक प्रभावित देशों को मदद पहुंचाई जाएगी. बताया जा रहा है कि सरकार ने दवा कंपनियों से मार्च महीने के आखिरी हफ्ते में लोपिनाविर व रिटोनाविर, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्यूइन, अजिथ्रोमाइसिन और पैरासिटामोल जैसी प्रमुख दवाओं के भंडार की जानकारियां देने के लिए कहा था. अमेरिका: प्रेसिडेंट ट्रंप ने फिर मांगी भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा, कहा- आप दवाएं भेजेंगे तो अच्छा
भारत सरकार ने 24 एक्टिव फार्मास्यूटिकल सामग्री (API) और उनसे बने फार्मूलों से प्रतिबंध हटाया है। इन APIs को अब निर्यात किया जा सकता है। pic.twitter.com/SLszqjvNMw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 7, 2020
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय ने आज सुबह एक अधिसूचना में कहा विटामिन बी1 और बी 12 सहित 24 फार्मा सामग्रियों और दवाओं पर निर्यात प्रतिबंधों में ढील दी गई है. कुछ फार्मा कंपनियों ने इन प्रतिबंधों को लेकर चिंता जाहिर की थी. अमेरिका में कोरोना से हाहाकार, 24 घंटों में 1150 की गई जान- 30 हजार नए केस
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन की आपूर्ति करने का अनुरोध किया था. दरअसल अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण हालात काबू से बाहर हो गए है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2020 11:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

