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Coronavirus बन सकता है मौसमी बीमारी, जल्द दोबारा हो सकती है वापसी: यूएस वैज्ञानिक

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को यूएस के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा है कि हो सकता है कि कोरोना वायरस सीजनल चक्र में लौट आए. इसलिए जल्द से जल्द इसके वैक्सीन और दवा का इंतज़ाम करना होगा.

Coronavirus बन सकता है मौसमी बीमारी, जल्द दोबारा हो सकती है वापसी: यूएस वैज्ञानिक
क्या फिर लौटेगा कोरोना वायरस (Photo Credits: Pixabay)

चीन (China) के वुहान शहर (Wuhan) से शुरू हुए कोरोना वायरस (Coronavirus) ने अभी तक विश्व भर में कई लोगों की जान ले ली है और लाखों लोग इससे संक्रमित हैं. इसकी वजह से कई देश लॉकडाउन हो गए हैं. लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं. इससे दुनिया भर में दहशत का माहौल है और इससे जुड़ी एक खबर जो हम आपको बताने जा रहे हैं, उससे शायद आप और डर जाएं. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को यूएस के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा है कि हो सकता है कि कोरोना वायरस सीजनल चक्र में लौट आए. इसलिए जल्द से जल्द इसके वैक्सीन और दवा का इंतज़ाम करना होगा. नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (National Institutes of Health) के एंथनी फौसी (Anthony Fauci) संक्रमित बीमारियों पर रिसर्च करते हैं. उन्होंने कहा कि दक्षिणी गोलार्द्ध में सर्दियों का मौसम आने वाला है और वहां कोरोना वायरस अपनी जड़ पकड़ रहा है.

एंथनी ने कहा- '' हम क्या देख रहे हैं अभी... दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण गोलार्द्ध के देशों में कोरोना वायरस के मामले आ रहे हैं और वहां सर्दी के मौसम की शुरुआत होने वाली है. '' उन्होंने आगे कहा- '' कोरोना वायरस सीजनल चक्र में वापस आ सकता है. इसके दोबारा आने के लिए हमें तैयार रहना पड़ेगा. इसके लिए ज़रूरी है कि हम जल्द से जल्द वैक्सीन बनाएं और इसकी दवा तैयार करें, जिससे कि इसके दूसरी बार आने पर हम इससे लड़ने के लिए तैयार रहें. फिलहाल अमेरिका और चीन में वैक्सीन का ह्ययूमन ट्रायल हुआ है और इसका परिणाम आने में एक से डेढ़ साल का वक्त लग जाएगा. ''

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'' मैं जानता हूं कि हम इसे अभी हराने में कामयाब होंगे, लेकिन हमें दूसरे चक्र के लिए तैयार रहना होगा. '' फौसी के मुताबिक, वायरस गर्मी से ज्यादा ठंड में खतरनाक होता है. क्योंकि ठंक के मौसम में सांस के ड्रॉपलेट्स ज्यादा देर तक हवा में रहते हैं और ठंड में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमज़ोर हो जाती है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमण का खतरा कम होने का यह मतलब नहीं है कि वायरस पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. इसका उदाहरण ऑस्ट्रेलिया हमारे सामने है. यहां गर्मी के बावजूद 2,500 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 8 लोगों की इसकी वजह से मर चुके हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 26, 2020 05:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).