केंद्र सरकार ने IVF से गर्भ धारण करने की आयु सीमा तय की, सिद्धू मूसेवाला के नन्हें भाई से जुड़ा है मामला!
सरकार ने IVF विधि से गर्भ धारण करने की आयु सीमा तय कर दी है. ये फैसला तब लिया गया, जब कल सिद्धू मूस वाला के पिता बलकौर सिंह ने एक्स वीडियो के माध्यम से दावा किया कि पंजाब जिला प्रशासन बच्चे के दस्तावेजों के लिए उन्हें परेशान कर रहा है.
पंजाब के मशहूर दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर ने अभी हाल में एक बेटे को जन्म दिया है. इकलौते बेटे की मौत के बाद उन्होंने प्रेग्नेंसी के लिए IVF तकनीक का सहारा लिया था. चरण कौर की उम्र 58 साल है. सीनियर सिटिजन होने से दो साल कम उम्र में मां बनने को लेकर अब एक नया पेंच सामने आया है. इसको लेकर बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने IVF ट्रीटमेंट को लेकर सिद्धू मूसेवाला की मां और पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है.
हालांकि अब सरकार ने IVF विधि से गर्भ धारण करने की आयु सीमा तय कर दी है. ये फैसला तब लिया गया, जब कल सिद्धू मूस वाला के पिता बलकौर सिंह ने एक्स वीडियो के माध्यम से दावा किया कि पंजाब जिला प्रशासन बच्चे के दस्तावेजों के लिए उन्हें परेशान कर रहा है.
Centre Flags Age Limit After Sidhu Moose Wala's Parents Have Baby Via IVF https://t.co/S1ygTDxsBs pic.twitter.com/RldSxek5NO
— NDTV (@ndtv) March 20, 2024
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले हफ्ते पंजाब सरकार से सिद्धू मूस वाला की मां चरण सिंह के आईवीएफ उपचार के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी और बताया था कि आईवीएफ के लिए आयु सीमा 21-50 वर्ष है. पत्र में कहा गया है, "सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 की धारा 21(जी)(i) के तहत, एआरटी सेवाओं के तहत जाने वाली महिला के लिए निर्धारित आयु सीमा 21-50 वर्ष के बीच है."
इससे पहले सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार उन्हें लगातार परेशान कर रही है और वह मेरे बच्चे की लीगल होना का सबूत मांग रही है। उनका यह सवाल मुझे बहुत परेशान कर रहा है.
IVF क्या है?
आईवीएफ को आम बोलचाल में टेस्ट ट्यूब बेबी या आर्टिफिशियल प्रेग्नेंसी भी कहते हैं. IVF प्राकृतिक तरीके से प्रेग्नेंसी में विफल महिलाओं के लिए गर्भधारण का एक तरीका है. जब महिला का शरीर अंडों को निषेचित करने में विफल रहता है, तो उन्हें प्रयोगशाला में निषेचित किया जाता है. इसमें महिला के शरीर से ओवम (डिंब) ले लेते हैं और पुरुष के शरीर से शुक्राणु, फिर दोनों का लैब में फर्टिलाइजेशन कराया जाता है. इससे एक भ्रूण बनता है, जिसे महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित कराया जाता है,
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2024 01:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

