बिजनौर पुलिस शर्मसार: हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही के अश्लील वीडियो वायरल, एसपी ने दोनों को किया सस्पेंड
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

बिजनौर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर (Bijnor) जिले में पुलिस विभाग (Police Department) की छवि को गहरा धक्का लगा है. जिले के रेहड़ थाने (Rehad Police Station) में तैनात एक हेड कांस्टेबल (Head Constable) और एक महिला सिपाही (Female Constable) के पांच अश्लील वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल (Viral Video) होने के बाद हड़कंप मच गया है. इन वीडियो में महिला कांस्टेबल पुलिस की वर्दी में नजर आ रही है, जिसने मामले को और भी गंभीर बना दिया है. बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है. यह भी पढ़ें: Jaunpur Shocker: जौनपुर में 'वर्दी' शर्मसार, शोरूम से iPhone चुराते कैमरे में कैद हुए दो सिपाही; वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड

वर्दी की गरिमा को ठेस, विभाग में हड़कंप

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इन वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी विभागीय नियमों और अनुशासन की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं. वीडियो सार्वजनिक होने के बाद आम जनता के बीच पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है. विभागीय मर्यादा के विपरीत इस तरह की गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उच्च अधिकारियों ने इसे 'घोर अनुशासनहीनता' माना है.

एसपी अभिषेक झा की सख्त कार्रवाई

जैसे ही यह मामला पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की. एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.

साइबर सेल करेगी वीडियो के स्रोत की जांच

पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि ये वीडियो कब और कहां शूट किए गए थे. जांच का मुख्य केंद्र यह भी है कि इन निजी और आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किसने किया.

अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश

इस घटना के बाद बिजनौर पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है. विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद दोनों दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई अन्य कर्मचारी ऐसी गलती न दोहराए.