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Ayush-64 'Medicine: जानें 'आयुष-64' दवा का कब और कैसे करें सेवन व इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर FAQ

कई जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाई गई आयुष–64 दवा को इस महामारी के समय में विशेषज्ञों ने उम्मीद की किरण बताया है. 1980 में मूलरूप से मलेरिया के उपचार के लिए विकसित की गई इस दवा को मॉडिफाई किया गया है.

Ayush-64 'Medicine: जानें 'आयुष-64' दवा का कब और कैसे करें सेवन व इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर FAQ
कोरोना वायरस का प्रकोप (Photo Credits: PTI)

कई जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाई गई आयुष–64 दवा (Ayush-64 'Medicine) को इस महामारी के समय में विशेषज्ञों ने उम्मीद की किरण बताया है. 1980 में मूलरूप से मलेरिया के उपचार के लिए विकसित की गई इस दवा को मॉडिफाई किया गया है. अब उसे कोविड-19 के उपचार के लिए भी उपयुक्त पाया गया है. लोगों को आयुष- 64 संबंधित जानकारी देने और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों का मंत्रालय ने जवाब जारी किया है...

आयुष क्या है ?

आयुष एक आयुर्वेदिक नुस्खा है, इस दवा को कोविड-19 (COVID-19) के उपचार के लिए भी उपयोगी माना गया है, क्योंकि इसमें वायरस से लड़ने, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और बुखार उतारने जैसे गुण समाहित हैं. आयुष-64 के वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि इसके 36 घटकों में से 35 घटक ऐसे हैं, जो कोविड-19 के वायरस के खिलाफ एक-जुट होकर उसका मुकाबला कर सकते हैं. इस नुस्खे में ऐसे भी घटक मौजूद हैं, जो फ्लू जैसी बीमारियों से भी लड़ सकते हैं. देशभर में 64 क्लिनिकल परीक्षण हुए हैं, उनसे साबित होता है कि लक्षण-रहित, हल्के और कम गंभीर कोविड-19 के इलाज में यह दवा बहुत कारगर है और इससे मरीज जल्द ठीक हो सकता है.

आयुष–64 कौन ले सकता है ?

कोविड-19 के किसी भी स्तर का मरीज इसे ले सकता है. यह दवा लक्षण-रहित, हल्के और कम गंभीर मामलों में ज्यादा कारगर है. इसके अलावा जिन मरीजों को आपात चिकित्सकीय मदद या अस्पताल की जरूरत नहीं है, वे मरीज आयुष–64 ले सकते हैं. कोविड के हल्के और कम गंभीर लक्षणों वाले जिन मरीजों में शुरुआत में बुखार, शरीर दर्द, नाक बंद होना, अस्वस्थ महसूस करना, नाक से पानी बहना, सिरदर्द, खांसी आदि की शिकायतें होती हैं, वे इस दवा को ले सकते हैं. साथ में, जिन मरीजों में कोई लक्षण नहीं होता, वे आरटी-पीसीआर जांच के सात दिन के अंदर आयुष–64 दवा ले सकते हैं. इससे बेहतर नतीजे मिलेंगे.

मरीजों के लिए कोविड 19 की आदर्श खुराक क्या है ?

लक्षण-रहित कोविड-19 के मामलों में इसकी खुराक के तहत खाना खाने के एक घंटे बाद गर्म पानी के साथ 500 एमजी की दो गोली दो बार लेनी है. याद रहे चौदह दिनों तक गोलियां खानी होगी. हल्के और कम गंभीर मामलों में खुराक के तहत 500 एमजी की दो-दो गोलियां दिन में तीन बार लेनी हैं. गोलियां गर्म पानी के साथ खाना खाने के एक घंटे बाद लेनी हैं.

क्या आयुष-64 के साइड-इफेक्ट्स हैं ?

कुछ मरीजों को पेचिश की शिकायत हो सकती है, जो अपने आप ठीक हो जाएगा. उसके लिए कोई दवा खाने की जरूरत नहीं है.

क्या आयुष-64 को बुखार उतारने वाली दवा के रूप में भी लिया जा सकता है ?

इसे बुखार की दवा के रूप में लिया जा सकता है. इसके लिए 500 एमजी की दो गोली दिन में दो बार लेनी है. लेकिन बुखार की दवा के रूप में क्लिनिकल परीक्षण में इसके प्रभाव को नहीं जांचा गया था. अगर मरीज को कोविड-19 है, तो लक्षण दिखते ही इसे दिया जा सकता है. ऐसे मामलों में व्यक्ति की आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन जांच जरूरी है. मरीज को चिकित्सकीय देखरेख में रहना चाहिए. यह भी पढ़ें : Coronavirus Update: औरंगाबाद में कोरोना वायरस संक्रमण के 981 नए मामले आए सामने, 43 और लोगों की मौत

आयुष-64 को कितने दिनों तक लेना चाहिए ?

आयुष-64 को कम से कम 14 दिनों तक लिया जा सकता है. अगर जरूरत पड़े तो योग्य आयुष चिकित्सक की सलाह पर उसे 12 हफ्तों तक भी लिया जा सकता है. क्लीनिकल परीक्षण में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि इसे 12 हफ्तों तक लेना बिलकुल सुरक्षित है.

आयुष-64 को कैसे लिया जाये ?

इसे गर्म पानी से ले सकते हैं. अच्छा होगा अगर खाना खाने के एक घंटे बाद इसे लिया जाए.

क्या अन्य बीमारियों (कोमोरबिडिटी) से ग्रसित कोविड-19 मरीज आयुष-64 ले सकते हैं ?

जिन मरीजों को उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि अन्य बीमारियां हैं, वे भी लक्षण-रहित, हल्के और कम गंभीर कोविड मामलों में भी आयुष-64 ले सकते हैं. उन्हें सलाह दी जाती है कि वे इन बीमारियों की दवा बंद न करें.

क्या गर्भवती और दुग्धपान कराने वाली माताओं के लिए यह सुरक्षित है ?

वैज्ञानिक अध्ययन में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि आयुष-64 गर्भवती और दुग्धपान कराने वाली माताओं के लिए सुरक्षित है.

क्या आयुष-64 बाजार में उपलब्ध है ?

यह बाजार में उपलब्ध है और आयुर्वेदिक फार्मेसी से इसे खरीदा जा सकता है. यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इसे बिना चिकित्सक के पर्चे के न बेचा जाए और आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही इसका इस्तेमाल किया जाए.

(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2021 12:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).