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एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, जानें क्या हुआ था उड़ान के उन 32 सेकंड में?

एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है, जिसमें खुलासा हुआ है कि टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजन रहस्यमय तरीके से बंद हो गए थे. पायलटों को भी नहीं पता था कि ऐसा क्यों हुआ, जबकि उन्होंने इंजनों को दोबारा चालू करने की नाकाम कोशिश की. जांच अभी भी जारी है ताकि हादसे की असली वजह, चाहे वो तकनीकी खराबी हो या कुछ और, पता चल सके.

एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, जानें क्या हुआ था उड़ान के उन 32 सेकंड में?

Air India Flight AI171 Crash Report: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI171 विमान हादसे के एक महीने बाद, भारत की विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी है. इस रिपोर्ट में उस भयानक दुर्घटना से जुड़ी शुरुआती जानकारी दी गई है, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी.

यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रहा था. लेकिन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद, यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में सवार 242 लोगों में से सिर्फ एक ही बच पाया. यह भारत के सबसे भयानक विमान हादसों में से एक है.

15 पन्नों की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान भरने के तुरंत बाद क्या-क्या गड़बड़ियां हुईं. रिपोर्ट के बाद यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर उड़ान भरते ही विमान के दोनों इंजन एक साथ कैसे बंद हो गए.

जांच की मुख्य बातें:

  • अचानक इंजन बंद हो गए: टेकऑफ के कुछ ही सेकंड के अंदर विमान के दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया. फ्लाइट डेटा से पता चला है कि इंजन को फ्यूल (ईंधन) पहुंचाने वाले स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' पोजीशन पर चले गए थे. ऐसा सिर्फ एक सेकंड के अंतर पर हुआ, जिससे इंजनों को फ्यूल मिलना बंद हो गया और विमान की पूरी ताकत खत्म हो गई.
  • पायलटों को भी नहीं पता था क्या हुआ: कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. एक पायलट ने दूसरे से पूछा, "तुमने (फ्यूल) कट ऑफ क्यों किया?". इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया, "मैंने नहीं किया." इस बातचीत से लगता है कि दोनों में से किसी भी पायलट ने जानबूझकर इंजन बंद नहीं किए थे, जिससे यह मामला और भी रहस्यमय हो गया है.
  • इमरजेंसी सिस्टम चालू हो गया था: CCTV फुटेज से पता चला है कि जैसे ही विमान की पावर बंद हुई, इसका इमरजेंसी सिस्टम 'रैम एयर टर्बाइन' (एक छोटा पंखा जो पावर फेल होने पर विमान को कंट्रोल करने में मदद करता है) अपने आप खुल गया था.
  • इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश नाकाम रही: पायलटों ने दोनों इंजनों को फिर से चालू करने की कोशिश की थी. एक इंजन थोड़ा चालू भी हुआ, लेकिन विमान को संभालने के लिए जरूरी ताकत पैदा नहीं कर पाया. दूसरा इंजन क्रैश होने से पहले चालू ही नहीं हो सका.
  • सिर्फ 32 सेकंड हवा में रहा विमान: विमान उड़ान भरने के बाद सिर्फ 32 सेकंड तक ही हवा में रह पाया. इसके बाद वह रनवे से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर एक हॉस्टल की इमारत पर जा गिरा.
  • थ्रस्ट लीवर्स में गड़बड़ी: जांच टीम ने पाया कि विमान के थ्रस्ट लीवर्स (जो इंजन की रफ्तार कंट्रोल करते हैं) 'idle' यानी सबसे कम रफ्तार पर सेट थे. जबकि फ्लाइट डेटा दिखा रहा था कि पायलटों ने टेकऑफ के लिए पूरी ताकत का कमांड दिया था. यह किसी सिस्टम की खराबी की ओर इशारा करता है.
  • कोई और समस्या नहीं थी: जांच में पाया गया कि फ्यूल में कोई खराबी नहीं थी. टेकऑफ के समय विमान के फ्लैप्स सही पोजीशन में थे और मौसम भी बिल्कुल साफ था.
  • पायलट पूरी तरह फिट और अनुभवी थे: दोनों पायलट अनुभवी थे और विमान उड़ाने के लिए पूरी तरह से फिट और ausgeruht थे.
  • रखरखाव में कमी की आशंका: रिपोर्ट में किसी साजिश का जिक्र नहीं है, लेकिन एक अहम बात सामने आई है. अमेरिका की एजेंसी (FAA) ने फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी एक संभावित खराबी के बारे में चेतावनी जारी की थी. एयर इंडिया ने इस चेतावनी से जुड़ी जांच अपने विमान में नहीं की थी.

जांच अभी भी जारी है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी, इंसानी भूल या किसी अनदेखी चेतावनी की वजह से हुआ.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2025 09:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).