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AIIMS Delhi News: एम्स दिल्ली के डॉक्टरों का चमत्कार! महिला के गर्भाशय से निकाला 21.8 किलो का Tumour, दी नई जिंदगी

दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने एक 46 वर्षीय महिला के शरीर से 21.8 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर निकालकर उसे नई जिंदगी दी है. 'यूटेराइन सरकोमा' नामक इस दुर्लभ कैंसर की सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी, जो करीब 5 घंटे तक चली.

AIIMS Delhi News: एम्स दिल्ली के डॉक्टरों का चमत्कार! महिला के गर्भाशय से निकाला 21.8 किलो का Tumour, दी नई जिंदगी

AIIMS Delhi News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. संस्थान के डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (Dr BRA-IRCH) में एक 46 वर्षीय महिला के पेट से 21.8 किलोग्राम वजन का विशाल ट्यूमर निकाला गया. महिला 'यूटेराइन सरकोमा' (Uterine Sarcoma) नामक गर्भाशय के दुर्लभ कैंसर से पीड़ित थी. डॉक्टरों के अनुसार, ट्यूमर इतना बड़ा था कि उसने महिला के पूरे पेट और पेल्विस हिस्से को घेर लिया था.

5 घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी

इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व प्रोफेसर डॉ. एम.डी. रे ने किया. महिला पिछले चार महीनों से पेट में भारीपन और तीन महीनों से असहनीय दर्द और सूजन से जूझ रही थी. जांच में पाया गया कि ट्यूमर का आकार लगभग 45 सेंटीमीटर था, जो किडनी और मूत्रनली (Ureters) जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भारी दबाव डाल रहा था. यह भी पढ़े: AIIMS भुवनेश्वर के डॉक्टरों की कोशिश से हुआ चमत्कार! 2 घंटे तक बंद रही युवक की दिल की धड़कनें, eCPR देकर ऐसे बचाई जान

डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि यदि समय पर ऑपरेशन नहीं होता, तो अगले एक-दो महीनों में महिला की किडनी फेल हो सकती थी. 23 मार्च को करीब पांच घंटे तक चली इस सर्जरी में गर्भाशय, अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब के साथ उस विशाल ट्यूमर को शरीर से अलग किया गया.

चुनौतियां और सफलता

मरीज पहले से ही डायबिटीज और हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) से पीड़ित थी, जिससे सर्जरी के दौरान रक्तस्राव और शॉक का खतरा काफी अधिक था. हालांकि, डॉक्टरों की कुशलता के कारण ऑपरेशन के दौरान केवल 500 मिलीलीटर खून का नुकसान हुआ. राहत की बात यह है कि सफल सर्जरी के बाद महिला तेजी से रिकवर हो रही है और उसने ऑपरेशन के अगले दिन ही चलना शुरू कर दिया.

क्या है यूटेराइन सरकोमा?

यूटेराइन सरकोमा गर्भाशय का एक अत्यंत दुर्लभ और आक्रामक कैंसर है. यह गर्भाशय की मांसपेशियों या सहायक ऊतकों (Connective Tissues) में विकसित होता है.

लक्षण: असामान्य योनि रक्तस्राव, पेट में भारीपन या सूजन का अहसास, बार-बार पेशाब आना और पीठ के निचले हिस्से में दर्द इसके मुख्य लक्षण हैं.

जोखिम: यह कैंसर तेजी से फैलता है और शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है.

उपचार: सर्जरी इसका प्राथमिक उपचार है, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी दी जाती है.

विशेषज्ञों का संदेश

डॉ. एम.डी. रे ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि ट्यूमर का विशाल आकार यह नहीं दर्शाता कि वह लाइलाज है. सही समय पर विशेषज्ञ की सलाह और उन्नत चिकित्सा केंद्रों पर उपचार मिलने से कैंसर के अंतिम चरणों (Stage 4) में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है. यह मामला चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और जटिल कैंसर प्रबंधन में एम्स की विशेषज्ञता का एक बड़ा उदाहरण है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2026 09:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).