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8th Pay Commission News: न्यूनतम वेतन ₹72,000 करने की मांग, फिटमेंट फैक्टर को 4.0 तक बढ़ाने का प्रस्ताव

भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 8वें वेतन आयोग को अपना ज्ञापन सौंप दिया है. संघ ने देश की बढ़ती प्रति व्यक्ति आय का हवाला देते हुए न्यूनतम वेतन ₹72,000 करने और फिटमेंट फैक्टर को 4.0 करने की जोरदार मांग की है.

8th Pay Commission News: न्यूनतम वेतन ₹72,000 करने की मांग, फिटमेंट फैक्टर को 4.0 तक बढ़ाने का प्रस्ताव

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गठित 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) (8th CPC) के समक्ष मांगों का सिलसिला तेज हो गया है. सिविलियन डिफेंस कर्मचारियों (Civilian Defense Employees) का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख संगठन 'भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ' (Bharatiya Pratiraksha Mazdoor Sangh) (BPMS) ने अपना आधिकारिक ज्ञापन सौंप दिया है. संघ ने देश की आर्थिक प्रगति और प्रति व्यक्ति आय में हुई भारी वृद्धि को आधार बनाते हुए न्यूनतम मासिक वेतन को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 करने की मांग की है. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 4.0 करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर को सम्मानजनक बनाया जा सके. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: 8वां वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय, कर्मचारी 8cpc.gov.in पर दे सकते हैं सुझाव

वेतन वृद्धि के पीछे आर्थिक तर्क

BPMS ने अपने ज्ञापन में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़ों का उल्लेख किया है. संघ के अनुसार, भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 2016-17 के ₹1,03,219 से बढ़कर 2024-25 में ₹1,92,774 हो गई है। यह लगभग 86.76 प्रतिशत की वृद्धि है. संघ का तर्क है कि जब देश की आय बढ़ रही है, तो कर्मचारियों के वेतन ढांचे को भी उसी अनुपात में तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए। ₹72,000 का प्रस्ताव कर्मचारी कल्याण और सरकार की वित्तीय स्थिति के बीच एक "संतुलित मध्य मार्ग" के रूप में पेश किया गया है.

फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट

ज्ञापन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग है. यह मल्टीप्लायर मौजूदा न्यूनतम वेतन पर लागू होगा। संघ के अनुसार यह वृद्धि निम्नलिखित कारणों से आवश्यक है:

  • महंगाई का मुकाबला: मुद्रास्फीति के कारण वास्तविक वेतन में आई गिरावट की भरपाई.
  • पारदर्शिता: सभी वेतन स्तरों पर एक समान और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना.

इसके अलावा, संघ ने वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) की दर को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की सिफारिश की है. उनका कहना है कि महंगाई भत्ता (DA) केवल मुद्रास्फीति से सुरक्षा देता है, जबकि वास्तविक आय वृद्धि के लिए हायर इंक्रीमेंट जरूरी है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: कर्मचारी संघों ने की ₹69,000 न्यूनतम वेतन की मांग, गणना के लिए '5 फैमिली यूनिट' का नया फॉर्मूला प्रस्तावित

'फैमिली यूनिट' की परिभाषा बदलने की मांग

BPMS ने वेतन गणना के तरीके में एक बड़े बदलाव का सुझाव दिया है. वर्तमान में 'फैमिली यूनिट' में तीन सदस्यों को गिना जाता है, जिसे संघ ने बढ़ाकर पांच करने का अनुरोध किया है. संघ का तर्क है कि भारतीय सामाजिक ढांचे में कर्मचारी न केवल पत्नी और बच्चों, बल्कि अपने आश्रित माता-पिता की भी जिम्मेदारी उठाता है. इस बदलाव से न्यूनतम वेतन एक बड़े परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा.

समय सीमा और अगला कदम

8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन जमा करने की समय सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. आधिकारिक वेबसाइट (8cpc.gov.in) के माध्यम से ज्ञापन सौंपने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है. आयोग इस समय परामर्श चरण में है और विभिन्न शहरों का दौरा कर रहा है. इसी क्रम में 24 अप्रैल को आयोग की टीम देहरादून का दौरा करेगी, जहाँ विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2026 01:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).