'उज्ज्वला योजना' ने 32 महीने में किया कमाल, 6 करोड़ गरीब महिलाओं को मिली धुंए से मुक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महज एक महत्वाकांक्षी योजना ने 6 करोड़ गरीब महिलाओं को धुंए से मुक्ति दिलाई है. दरअसल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बुधवार को छह करोड़वां मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी किया गया.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की महज एक महत्वाकांक्षी योजना ने 6 करोड़ गरीब महिलाओं को धुंए से मुक्ति दिलाई है. दरअसल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के तहत बुधवार को छह करोड़वां मुफ्त एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन जारी किया गया. मोदी सरकार के इस योजना का लक्ष्य देश के हर घर में स्वच्छ रसोई ईंधन पहुंचाना है जो अपने लक्ष्य से काफी आगे चल रहा है.
देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक क्रायक्रम के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत 6 करोड़ वां एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किया. इस दौरान कई अन्य लाभार्थियों को भी योजना के तहत मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए.
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि पीएमयूवाई समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े गरीब लोगों की भलाई के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को पूरा करने का प्रयास है. नायडू ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. पीएमयूवाई जैसी योजनाएं अपनी समग्रता के द्वारा सामाजिक पहलू के विकास की कहानी को आगे बढ़ाती हैं. उन्होंने समय से पहले यह लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी हितधारकों को बधाई दी.
@PMOIndia Sh. @narendramodi सरकार ने किया उज्ज्वला योजना का विस्तार, अब हर गरीब घर को मिलेगा एलपीजी सिलिंडर का लाभ। देश की 6 करोड़ गृहिणियों को मिला स्वच्छ - सुरक्षित इंधन का उपहार| श्री @dpradhanbjp जी को बधाई! @PMUjjwalaYojana @IndianOilcl #6CrUjjwala #Ujjwala #TheFlameOfHope pic.twitter.com/8kuhe5wOe3
— Dr. Subhash Bhamre (@DrSubhashMoS) January 2, 2019
50 साल में मिले थे 13 करोड़ कनेक्शन-
वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि एलपीजी की शुरुआत होने के बाद पिछले 50 वर्षों में केवल 13 करोड़ कनेक्शन उपलब्ध कराए गए थे जबकि पिछले 54 महीनों में सरकार ने लगभग इतने ही कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं. उन्होंने कहा कि पीएमयूवाई के तहत लगभग 80 प्रतिशत लाभार्थी अपने सिलेंडरों की रि-फिलिंग करवा रहे हैं. इस योजना की अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विकसित देशों ने सराहना की है और इसने विकासशील देशों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है.
12800 करोड़ का है बजट-
गौरतलब हो कि देश में बीपीएल परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने महिलाओं को पांच करोड़ ‘जमा-मुक्त’ एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू की थी. 12800 करोड़ के बजटीय आवंटन द्वारा बाद में यह संख्या बढ़कर 8 करोड़ हो गई.
पीएमयूवाई के लागू होने से सामान्य रूप से, विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में राष्ट्रीय एलपीजी कवरेज में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है. इस योजना के परिणामस्वरूप ग्रामीण गरीब परिवार बड़ी संख्या में इस योजना में शामिल हुए है. योजना के 48 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के हैं.
WHO ने भी की तारीफ-
पीएमयूवाई को लागू करने की विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने प्रशंसा करते हुए इसे देश की महिलाओं के सामने आ रहे घरेलू स्वास्थ्य प्रदूषण को रोकने वाला निर्णायक हस्तक्षेप बताया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 02, 2019 05:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

