मेघालय में 40 पवित्र उपवनों का अध्ययन किया गया: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव
मेघालय में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कहा है कि 40 पवित्र उपवनों के आविष्कार और कई पवित्र उपवनों के फाइटो-विविधता लक्षण वर्णन आदि पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा को यह जानकारी दी.
नई दिल्ली, 3 अप्रैल : मेघालय में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कहा है कि 40 पवित्र उपवनों के आविष्कार और कई पवित्र उपवनों के फाइटो-विविधता लक्षण वर्णन आदि पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) ने लोकसभा को यह जानकारी दी. सेक्रेड ग्रोव्स समृद्ध जैव विविधता के साथ समुदाय संरक्षित भूमियां हैं, जो आमतौर पर समुदाय की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अर्थ रखती हैं और उन्हें वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत सामुदायिक संरक्षित क्षेत्रों और जैविक विविधता अधिनियम, 2002, पर्यावरण के तहत जैव विविधता विरासत स्थलों के रूप में अधिसूचित किया जा सकता है. मंत्री एक सवाल के जवाब में यह बात कही.
पिछले सप्ताह मार्च में लोकसभा सांसद विंसेंट पाला के एक सवाल का जवाब देते हुए यादव ने कहा कि क्या सरकार द्वारा स्थायी भविष्य बनाने में सेक्रेड ग्रोव्स की क्षमता का आकलन करने के लिए कोई अध्ययन किया गया है. यादव ने कहा, पिछले 8-9 वर्षो में किए गए अध्ययन और मेघालय में पवित्र उपवनों के लिए पूर्ण किए गए 40 पवित्र उपवनों का आविष्कार (बढ़ते स्टॉक मूल्यांकन) शामिल हैं. 216.76 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले 10 पवित्र उपवनों का पादप-विविधता और पादप-समाजशास्त्रीय लक्षण वर्णन, 12 सेक्रेड ग्रोव्स की प्रबंधन योजना तैयार करना और 133 सेक्रेड ग्रोव्स के लिए सीमा सर्वेक्षण करना. यह भी पढ़ें : Bank Fraud Case: BJP नेता प्रवीण दारेकर को मुंबई पुलिस ने भेजा नोटिस, बैंक धोखाधड़ी का मामले में होगी पूछताछ
40 सेक्रेड ग्रोव्स प्रोजेक्ट (2013-14) के आविष्कार (ग्रोइंग स्टॉक असेसमेंट) पर 30 लाख रुपये खर्च किए गए थे. 2013-14 में 133 सेक्रेड ग्रोव्स के लिए सीमा सर्वेक्षण पर 40 लाख रुपये खर्च किए गए, 2014-15 में इसके लिए 9.36 लाख रुपये और 2019-20 में 10.50 लाख रुपये. मंत्री ने कहा कि पर्यावरण अध्ययन विभाग एनईएचयू, शिलांग द्वारा किए गए 216.76 हेक्टेयर (2014-15) के क्षेत्रफल वाले 10 पवित्र उपवनों के फाइटो-विविधता और पादप-समाजशास्त्रीय लक्षण वर्णन पर 20 लाख रुपये खर्च किए गए. मंत्री ने कहा कि सेक्रेड ग्रोव में सामुदायिक रिजर्व के रूप में अधिसूचित वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों की राशि 2013-2021 के बीच 101.59 लाख रुपये थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2022 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

