Who is Anu Sharma? गूगल छोड़कर डेटा दिग्गज 'पालेंटिर' जॉइन करने वाली भारतीय इंजीनियर क्यों हो रही हैं वायरल

मई 2026 में सोशल मीडिया पर एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, अनु शर्मा का नाम तेजी से वायरल हो रहा है. चर्चा की मुख्य वजह उनका हालिया करियर ट्रांजिशन है, जिसमें उन्होंने दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) को छोड़कर डेटा एनालिटिक्स फर्म पालेंटिर टेक्नोलॉजीज (Palantir Technologies) जॉइन करने का फैसला किया है. जहां गूगल में काम करना कई पेशेवरों के लिए अंतिम लक्ष्य होता है, वहीं अनु के इस कदम को नेटिजन्स 'साहसिक' और 'प्रेरणादायक' बता रहे हैं.

अनु शर्मा की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि

अनु शर्मा एक कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जिन्होंने अपनी शिक्षा इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी महिला विश्वविद्यालय (IGDTUW) से पूरी की है. उनके करियर की शुरुआत से ही उनका प्रोफाइल काफी प्रभावशाली रहा है:

इंटर्नशिप का सफर: उन्होंने साल 2022 में ट्विटर (अब X) और 2023 में गूगल (हैदराबाद) व इनटुइट (Intuit) जैसी बड़ी कंपनियों में इंटर्न के तौर पर काम किया.

गूगल में अनुभव: साल 2024 में वे पूर्णकालिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में गूगल से जुड़ीं, जहां उन्होंने लगभग 1 साल 7 महीने तक अपनी सेवाएं दीं.

नई भूमिका: साल 2026 की शुरुआत में, उन्होंने गूगल को अलविदा कहकर पालेंटिर में 'फॉरवर्ड डिप्लॉयड सॉफ्टवेयर इंजीनियर' के रूप में नई पारी शुरू की.

 

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सोशल मीडिया पर वायरल होने का कारण

अनु शर्मा की कहानी तब सुर्खियों में आई जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और लिंक्डइन पर उनके करियर ग्राफ को साझा किया गया. तकनीकी समुदाय के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या अब युवा इंजीनियर 'ब्रांड नाम' से ज्यादा 'काम के प्रभाव' और 'चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं' को प्राथमिकता दे रहे हैं. अनु के इंस्टाग्राम और लिंक्डइन पर लाखों फॉलोअर्स हैं, जहां वे अक्सर तकनीक और कोडिंग से जुड़ी जानकारियां साझा करती हैं.

क्या है 'पालेंटिर' और यह फैसला क्यों खास है?

पालेंटिर टेक्नोलॉजीज एक ऐसी कंपनी है जो मुख्य रूप से बड़े डेटा विश्लेषण, सुरक्षा और सरकारी रक्षा परियोजनाओं के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करती है.

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि गूगल जैसी 'बिग टेक' कंपनियों से निकलकर पालेंटिर जैसी विशिष्ट (Niche) कंपनियों में जाना यह दर्शाता है कि आधुनिक इंजीनियर अब डेटा सिक्योरिटी और निर्णय लेने की जटिल प्रक्रियाओं जैसे क्षेत्रों में काम करने के इच्छुक हैं. अनु का यह फैसला टेक इंडस्ट्री के बदलते रुझानों को भी उजागर करता है.