Ask.com हुआ बंद: 90 के दशक का मशहूर सर्च इंजन 'आस्क जीव्स' 30 साल बाद हुआ विदा

90 के दशक के लोकप्रिय सर्च इंजन Ask.com ने अपनी तीन दशक लंबी यात्रा को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया है. 1 मई 2026 को इस प्लेटफॉर्म ने अपना परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया. कभी 'आस्क जीव्स' (Ask Jeeves) के नाम से मशहूर यह सर्च इंजन अपनी विशिष्ट शैली और 'जीव्स' नामक बटलर मस्कट के लिए जाना जाता था. पैरेंट कंपनी IAC (इंटरएक्टिव कॉर्प) ने एक विदाई संदेश में पुष्टि की है कि रणनीतिक बदलावों के चलते सर्च बिजनेस को बंद करने का निर्णय लिया गया है.

आस्क जीव्स: नेचुरल लैंग्वेज सर्च का अग्रदूत

1996 में गैरेट ग्रुएनर और डेविड वर्थेन द्वारा स्थापित यह प्लेटफॉर्म उस समय क्रांतिकारी माना जाता था. जब अन्य सर्च इंजन केवल कीवर्ड्स पर आधारित थे, तब आस्क जीव्स ने उपयोगकर्ताओं को पूर्ण प्रश्न (Natural Language) पूछने की सुविधा दी थी.

मस्कट 'जीव्स': इसका प्रसिद्ध बटलर मस्कट इंटरनेट संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन गया था, जिसे साल 2006 में रिब्रांडिंग के दौरान हटा दिया गया था.

सवाल-जवाब मॉडल: यह प्लेटफॉर्म जटिल सवालों के सटीक जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया था, जो आज के आधुनिक AI चैटबॉट्स का शुरुआती रूप माना जा सकता है.

बंद होने का मुख्य कारण

सर्च इंजन बाजार में गूगल (Google) के एकाधिकार और तेजी से विकसित होती तकनीक ने Ask.com के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी थीं. साल 2010 के आसपास ही कंपनी ने अपनी खुद की सर्च तकनीक विकसित करना बंद कर दिया था और आउटसोर्सिंग पर निर्भर हो गई थी.

रणनीतिक बदलाव: पैरेंट कंपनी IAC अब सर्च बिजनेस से बाहर निकलकर अन्य उभरती हुई तकनीकों और पोर्टफोलियो पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है.

AI का प्रभाव: एआई-आधारित सर्च इंजन और चैटबॉट्स (जैसे ChatGPT) के उदय ने पारंपरिक सवाल-जवाब वेबसाइटों की प्रासंगिकता को कम कर दिया है.

इंटरनेट के इतिहास में 'जीव्स' की विरासत

Ask.com का बंद होना वेब 1.0 (Web 1.0) युग के एक और बड़े नाम का अंत है. हालांकि यह प्लेटफॉर्म अब सक्रिय नहीं है, लेकिन इसकी 'नेचुरल लैंग्वेज' प्रोसेसिंग की तकनीक आज के वॉयस असिस्टेंट और एआई टूल्स की नींव मानी जाती है. कंपनी ने अपने अंतिम संदेश में लिखा, "हर महान खोज का एक अंत होता है... जीव्स की आत्मा हमेशा जीवित रहेगी."