Upcoming IPO 2025: साल 2025 के पहले छह महीनों में जहां आईपीओ बाजार में सुस्ती देखी गई, वहीं अब हालात बदलते दिख रहे हैं. ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) यानी लिस्टिंग से पहले अनौपचारिक बाजार में शेयरों की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसका मतलब है कि निवेशकों का रुझान एक बार फिर आईपीओ की ओर बढ़ रहा है और लिस्टिंग से लाभ की उम्मीदें मजबूत हुई हैं. अर्बन कंपनी (Urban Company IPO Allotment Status) का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा. 103 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिलने के बाद, इसका जीएमपी 103 रुपये के इश्यू प्राइस से लगभग 55 प्रतिशत ऊपर चल रहा है.
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इसके अलावा, मंगलसूत्र (Mangalsutra IPO) के श्रीनगर हाउस और देव एक्सेलरेटर (Dev Accelerator) के आईपीओ को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली. मंगलसूत्र का जीएमपी इश्यू प्राइस से 19 प्रतिशत और देव एक्सेलरेटर का जीएमपी इश्यू प्राइस से 14 प्रतिशत ऊपर है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में खुलने वाले वीएमएस टीएमटी (VMS TMT) जैसे आईपीओ का जीएमपी 99 रुपये के इश्यू प्राइस से लगभग 20 प्रतिशत ऊपर देखा जा रहा है.
हालांकि, आईवैल्यू इंफोसॉल्यूशंस (iValue Infosolutions) और यूरो प्रतीक सेल्स (Euro Symbol Sales) का असर ग्रे मार्केट में अभी दिखना बाकी है.
SME सेगमेंट में जबरदस्त उछाल
एसएमई सेगमेंट (SME Segment) यानी छोटे आईपीओ में भी मजबूत रुझान देखने को मिल रहा है. एयरफ्लोआ रेल टेक्नोलॉजी (Airflow Rail Technology) का जीएमपी इश्यू प्राइस 140 रुपये से बढ़कर 119 प्रतिशत हो गया है. एलटी एलिवेटर (LT Elevator) का जीएमपी 28 प्रतिशत और टेकडी साइबरसिक्योरिटी (TechD Cybersecurity) का जीएमपी 83 प्रतिशत बढ़ा है.
इसके अलावा, संपत एल्युमीनियम (Sampath Aluminium), जेडी केबल्स (JD Cables), कार्बनस्टील इंजीनियरिंग (Carbon Steel Engineering) और जय अम्बे सुपरमार्केट्स (Jai Ambe Supermarkets) जैसे एसएमई भी 9 से 15 प्रतिशत के प्रीमियम पर चल रहे हैं.
जीएमपी क्यों बढ़ रहा है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेकेंडरी मार्केट की मजबूती, भारी सब्सक्रिप्शन और छोटे साइज के आईपीओ के कारण डिमांड-सप्लाई का बैलेंस बिगड़ गया है, जिससे जीएमपी में बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा, स्थिर ब्याज दरें, नियंत्रित महंगाई और निवेशकों की जेब में कैश फ्लो भी इस तेजी के प्रमुख कारण हैं.
क्या ध्यान रखें निवेशक?
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि केवल जीएमपी देखकर निवेश करना सही नहीं है. यह एक अनौपचारिक बाजार (Informal Markets) है और इसमें हेरफेर की गुंजाइश ज्यादा होती है. कई बार ज्यादा जीएमपी वाले शेयर लिस्टिंग (Share Listing) के बाद कमजोर साबित हुए हैं. इसलिए, किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के वास्तविक फंडामेंटल्स पर जरूर गौर करें.
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