IIT कानपुर से पढ़ाई, Meta से मिला 854 करोड़ का पैकेज, जानें कौन हैं त्रपित बंसल?
IIT Kanpur Meta package

Trapit Bansal Meta salary package: दुनिया की सबसे चर्चित टेक कंपनियों जैसे गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और ऐमज़ॉन (Amazon) में काम करने वालों की सैलरी के बारे में आपने कई खबरें पढ़ी होंगी, लेकिन अब एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सचमुच आपको चौंका देगी. मेटा (Meta) (फेसबुक की पैरेंट कंपनी) ने एक भारतीय मूल के अमेरिकी इंजीनियर को ऐसा ऑफर दिया है, जिसकी चर्चा पूरी टेक दुनिया में हो रही है. कंपनी ने इस एआई रिसर्चर (AI Researcher) को करीब 2,500 करोड़ रुपये का पैकेज और सिर्फ नौकरी जॉइन करने के लिए 854 करोड़ रुपये का जॉइनिंग बोनस (Joining Bonus) दिया है. यह टेक इंडस्ट्री के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े ऑफर्स में से एक माना जा रहा है.

कौन हैं त्रपित बंसल?

त्रपित बंसल उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं, और साल 2012 में उन्होंने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से मैथ्स (Maths) और स्टैटिस्टिक्स (Statistics) में ग्रेजुएशन किया था. उनका करियर सफर काफी प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने अपनी प्रोफेशनल यात्रा की शुरुआत एक्सेंचर (Accenture) कंपनी में रिसर्च एनालिस्ट (Research Analyst) के तौर पर की, इसके बाद वो बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) में रिसर्च असिस्टेंट (Research Assistant) रहे. साल 2015 में वह अमेरिका चले गए, जहां 2016 में उन्होंने फेसबुक में इंटर्नशिप की थी.

फिर 2017 में उन्होंने ओपनएआई (OpenAI) में ट्रेनिंग शुरू की थी. इसके बाद 2018 में गूगल में बतौर एआई रिसर्चर शामिल हुए और वहीं उन्होंने एआई में 'मेटा लर्निंग सिस्टम' (Meta Learning Systems) पर रिसर्च किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. उन्होंने 2021 में पीएचडी (PhD) पूरी की, और 2022 से ओपनएआई में रिसर्च साइंटिस्ट (Research Scientist) के रूप में काम कर रहे हैं.

13 साल की मेहनत का बड़ा इनाम

अब 2025 में, मेटा ने त्रपित बंसल को एक बिलियन डॉलर का ऑफर दिया है. उन्होंने खुद इस बात की जानकारी एक्स पर दी है, और बताया है कि वह मेटा जॉइन कर रहे हैं. इस ऑफर में 854 करोड़ रुपये सिर्फ जॉइनिंग बोनस के रूप में शामिल हैं.

त्रपित फिलहाल अपनी पत्नी और बेटी के साथ अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) में रहते हैं. उनकी यह सफलता सिर्फ उनके टैलेंट का नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, रिसर्च और विजन का नतीजा है. एक छोटे शहर से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों तक पहुंचने की यह कहानी भारत के युवाओं के लिए एक मिसाल है.

एआई और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत के युवाओं का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है. त्रपित बंसल जैसे इंजीनियर्स की सफलता आज की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है, जो उन्हें आगे बढ़ने और कुछ बड़ा करने की दिशा में रास्ता दिखा रही है. यह साबित करता है, कि अगर आपके अंदर समर्पण, मेहनत और सीखने की लगन हो, तो आप वैश्विक मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं.