धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अमेरिका ने चीन और पाकिस्तान को "विशेष चिंता वाला देश" करार दिया है.
ऑस्ट्रेलिया में हर साल 13 जनवरी से एक हफ्ते के लिए लोगों से कहा जाता है कि वे मेंढ़कों की प्रजाति केन टोड को मार डालें.
संतोष दुबे के लिए राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आजादी के दिन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, जबकि मोहम्मद शाहिद के लिए छह दिसंबर, 1992 बस खून भरी यादों की तारीख है.
जर्मनी में राजधानी बर्लिन समेत कई शहरों में किसान हड़ताल पर हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो के साथ बलात्कार के दोषी पाए गए अपराधियों को समय से पहले मिली रिहाई को निरस्त कर दिया है.
रविवार को मालदीव ने उन तीन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से निलंबित कर दिया, जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की थी.
जर्मनी की धुर दक्षिणपंथी लोकप्रिय पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी चुनावों में काफी आगे निकल रही है.
मछली को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए गैरकानूनी तरीके से फॉर्मेलडिहाइड का उपयोग होता है.
मांस और डेयरी आहार से पर्यावरण पर होने वाले असर स्पष्ट हैं.
अभी भी कुछ लोगों के सीने में यह कृत्रिम हृदय धड़क रहा है, लेकिन अहम सवाल यह है कि आम लोगों तक यह तकनीक कब पहुंचेगी?हृदय वास्तव में हमारे शरीर का एक काफी सरल अंग होता है.
शराब पीने के बाद सुबह उठने पर अगर सिर में दर्द महसूस हो, जी मिचलाए, शरीर थका-थका सा लगे, तो ये हैंगओवर के लक्षण हैं.
पिछले साल सामाजिक विमर्श को आकार देने वाले चुनिंदा प्रभावशाली मुद्दों में से एक था पलायन.
अरब सागर में सोमालिया के तट के पास एक जहाज का अपहरण हो गया है, जिसके कर्मियों में कम-से-कम 15 भारतीय हैं.
भूटान में 9 जनवरी को मतदान होना है.
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की नेपाल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने पनबिजली पर एक नई संधि पर हस्ताक्षर किए हैं.
वैज्ञानिकों ने एक ताजा अध्ययन के बाद कहा है कि समय के साथ बाइसेक्सुअल लोगों की संख्या बढ़ेगी जबकि हेट्रोसेक्सुअल यानी सिर्फ विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होने वाले लोग खत्म हो जाएंगे.
एक नए अध्ययन के मुताबिक, 2022 के मुकाबले पिछले साल जर्मनी के कार्बन उत्सर्जन में सवा सात करोड़ टन से ज्यादा की गिरावट आई.
म्यांमार की सैन्य जुंटा ने ऐलान किया है कि वह वार्षिक माफी के तहत 9,000 से अधिक कैदियों को रिहा कर रही है.
बांग्लादेश में दशकों से दो शक्तिशाली महिलाओं के नेतृत्व में उनकी पार्टियां सड़कों पर राजनीतिक लड़ाई लड़ती आई हैं, जो हिंसक भी हो जाती है.