पिछले 13 साल में काफी कुछ सीखा, अब मेंटर की भूमिका का लुत्फ उठा रही हूं: वंदना
भारत की सीनियर टीम में 2007 में पदार्पण करने वाली वंदना ने कहा, ‘‘जब मैंने 15 साल की उम्र में शुरू किया था तो हमेशा काफी निडर होकर खेलती थी। मैं अपने कौशल का इस्तेमाल करने का प्रयास करती थी, जितना अधिक संभव को गेंद को अपने पास रखने का प्रयास करती थी और फिर गोल करने का प्रयास करती थी। लेकिन समय के साथ मैंने महसूस किया कि आप इस तरह नहीं खेल सकते, विशेषकर तब जब खेल में इतना बदलाव आया हो। मुझे भी बदलाव लाना था। ’’