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आंध्र में रसायनिक संयंत्र से स्टाइरीन का रिसाव, आठ की मौत, जांच के आदेश

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी गौतम सवांग ने बताया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

आंध्र में रसायनिक संयंत्र से स्टाइरीन का रिसाव, आठ की मौत, जांच के आदेश
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अमरावती /विशाखापत्तनम, सात मई आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक संयंत्र से हुए गैस रिसाव में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं ।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी गौतम सवांग ने बताया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

विशाखापत्तनम के पास गोपालपत्तनम के तहत आने वाले वेंकेटपुरम गांव में स्थित एलजी पॉलिमर्स लिमिटेड के संयंत्र से स्टाइरीन गैस के रिसाव के कारण आठ लोगों की मौत हो गई।

उन्होंने यहां मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद कहा कि विशाखापत्तनम के किंग जॉर्ज अस्पताल में कम से कम 246 लोगों का इलाज चल रहा है और उनमें से 20 वेंटिलेटर पर हैं।

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर चिंता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय और एनडीएमए के अधिकारियों से स्थिति के संबंध में बात की है जो हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सभी की सुरक्षा और विशाखापत्तनम के लोगों की कुशलक्षेम की प्रार्थना करता हूं । ’’

मृतकों में आठ साल का एक बच्चा भी शामिल है जबकि प्रभावित लोगों को निकालने के लिए गए कई पुलिसकर्मी भी इससे प्रभावित हुए हैं।

इसके अलावा, प्रभावित गांव से भागने के दौरान दो लोग एक बोरवेल में गिर पड़े जिससे उनकी मौत हो गई। उनके शवों को बाद में निकाल लिया गया।

प्रभावित लोग ऑटो और दो पहिया गाड़ियों पर चिकित्सकीय सहायता के लिए दौड़े जबकि सरकारी कर्मियों ने जो भी संभव हुआ, वो प्राथमिक उपचार उन्हें देने की कोशिश की।

लोग सड़क किनारे और नालों के पास बेहोश पड़े हुए थे, जो स्थिति की गंभीरता को बयान करता है। वही सरकार का कहना है कि रिसाव को नियंत्रित करना पहली प्राथमिकता है।

सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार तड़के गैस का रिसाव तब हुआ जब संयंत्र के कुछ श्रमिक इकाई को फिर से खोलने की तैयारी कर रहे थे।

राज्य के औद्योगिक मंत्री मेकपति गौतम रेड्डी ने बताया कि एलजी पॉलिमर्स इकाई को लॉकडाउन के बाद बृहस्पतिवार को खुलना था।

उन्होंने कहा, " हम (दक्षिण कोरियाई) कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से संपर्क करने कोशिश कर रहे हैं... हमारी पहली प्राथमिकता रिसाव को रोकना और प्रभावित लोगों का उचित इलाज सुनिश्चित करना है। "

डीजीपी ने बताया कि गैस का और रिसाव नहीं हुआ है और स्थिति अब स्थिर है और नियंत्रण में है।

स्वांग ने बताया , " गैस का रिसाव कैसे हुआ और रिसाव रोकने के लिए संयंत्र में नूट्रलाइज़र क्यों प्रभावी साबित नहीं हुआ, इसकी जांच की जाएगी। स्टाइरीन जहरीली गैस नहीं है और तभी घातक होती है जब अधिक मात्रा में सांस के साथ शरीर में चली जाए। "

विशाखापत्तनम जिले के संयुक्त कलेक्टर वेणुगोपाल रेड्डी ने कहा कि आर आर वेंकेटपुरम गांव के सभी लोगों को वहां से निकाल के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

आर आर वेंकेटपुरम से सभी 800 से ज्यादा लोगों को निकाल लिया गया है। उनमें से कई को सिर्फ प्राथमिक उपचार की जरूरत थी।

बचाव अभियान के लिए गए कई पुलिस कर्मियों को भी सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन जैसे लक्षण हुए और वे बेहोश हो गए।

सूत्रों ने बताया कि संयंत्र के 20 कर्मी सुरक्षा प्रोटोकॉल से अच्छी तरह वाकिफ थे और उन्होंने उचित कदम उठाए थे जिस वजह से वे प्रभावित नहीं हुए।

स्टाइरीन गैस आसपास के गांवों में फैल गयी और सोते हुए लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गैस रिसाव की घटना को परेशान करने वाला बताया है।

उन्होंने कहा, " विशाखापत्तनम की घटना परेशान करने वाली है। हम निरंतर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।"

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि जगन मोहन रेड्डी विशाखात्तनम में किंग जॉर्ज अस्पताल जाएंगे जहां प्रभावित लोगों का इलाज चल रहा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 01:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).