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Cyclone Yaas: एनडीआरएफ के प्रमुख एस. एन. प्रधान ने कहा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अब तक सबसे ज्यादा टीमें तैनात

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख एस. एन. प्रधान ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात यास के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए बल ने अभी तक की सबसे ज्यादा टीमें ओडिशा और बंगाल में तैनात की गयी हैं।

Cyclone Yaas: एनडीआरएफ के प्रमुख एस. एन. प्रधान ने कहा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अब तक सबसे ज्यादा टीमें तैनात
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

 नई  दिल्ली: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के प्रमुख एस. एन. प्रधान ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात यास के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए बल ने अभी तक की सबसे ज्यादा टीमें ओडिशा और बंगाल में तैनात की गयी हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में आठ लाख से ज्यादा जबकि ओडिशा में दो लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. यह भी पढ़े: Cyclone Yaas: ओडिशा-बंगाल में अलर्ट, तेजी से आगे बढ़ रहा है चक्रवात यास

बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न चक्रवात से देश के पांच राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह के प्रभावित होने की आशंका है, जिसे देखते हुए एनडीआरएफ ने अपनी 113 टीमें तैनात की हैं,एनडीआरएफ के प्रवक्ता ने बताया कि कुल टीमों में से 104 टीमें जमीनी स्तर पर तैनात हैं जबकि नौ टीमों को इन राज्यों में ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है. एनडीआरएफ की सबसे ज्यादा 52 टीमें ओडिशा में जबकि 45 टीमें पश्चिम बंगाल में तैनात की गई हैं। प्रवक्ता ने बताया कि बाकि टीमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में तैनात की गई हैं.

एनडीआरएफ के महानिदेशक प्रधान ने बताया कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में उनकी टीमों की यह सबसे बड़ी तैनाती है. उन्होंने बताया कि इससे पहले ओडिशा में 2019 में चक्रवातीय तूफान ‘फेनी’ के दौरान 50 टीमें तैनात की गई थीं, वहीं पश्चिम बंगाल में हाल ही में आए चक्रवातीय तूफान अम्फान में 30 टीमों की तैनाती की गई थी.  एनडीआरएफ की प्रत्येक टीम में 47 कर्मी होते हैं जिनके पास पेड़ और खंभे काटने के उपकरण, संचार उपकरण, रबड़ की बनी नौकाएं और सामान्य मेडिकल किट होती है.

प्रधान ने बताया, ‘‘हाल ही में आए तूफान ताउते से सीख लेकर केन्द्र और राज्य सरकारों ने हद से ज्यादा एहतियात बरती है, इसी कारण इतनी बडी संख्या में तैनाती की गयी है और सभी का लक्ष्य जान-माल की नुकसान को न्यूनतम करना, संभव हो तो जनहानि को शून्य करना है.

शाम करीब छह बजे जारी एक वीडियो संदेश में प्रधान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में, यास को लेकर गृह मंत्री, कैबिनेट सचिव और गृह सचिव की उपस्थिति में हुई बैठक में इसीपर सहमति बनी और राज्य भी इसपर राजी हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘आशा की जा रही है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासनों के प्रयास बेकार नहीं जाएंगे और हम सभी मिलकर जान-माल की न्यूनतम हानि सुनिश्चित कर सकेंगे. प्रधान ने बताया कि यास फिलहाल ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर गंभीर चक्रवातीय तूफान की स्थिति में है और उसके गंभीर से बेहद गंभीर चक्रवातीय तूफान में बदलने तथा तड़के ओडिशा के तट पर धामरा और चांदबाली के बीच से होकर गुजरने का अनुमान है.

मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात के दौरान हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने और इसके बढ़कर 185 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की संभावना है.

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(The above story first appeared on LatestLY on May 25, 2021 09:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).