देश की खबरें | यमुना प्राधिकरण ने एक्सप्रेस के किनारे सेक्टर-21 में फिल्म सिटी बसाने का किया प्रस्ताव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन दिन पूर्व गौतमबुद्ध नगर जिले में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा के बाद, फिल्म सिटी बसाने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। यमुना प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे के सेक्टर- 21 में 1,000 हेक्टेयर जमीन फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित की है और इसे शासन को भेज दिया है।
नोएडा, 20 सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन दिन पूर्व गौतमबुद्ध नगर जिले में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा के बाद, फिल्म सिटी बसाने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। यमुना प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे के सेक्टर- 21 में 1,000 हेक्टेयर जमीन फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित की है और इसे शासन को भेज दिया है।
वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सोमवार को अपना प्रस्ताव भेजेगा। नाइट सफारी की करीब 550 हेक्टेयर जमीन पर फिल्म सिटी को मूर्त रूप देने की तैयारी है। प्रस्ताव में इलाके की सारी खूबियां भी बताई गई हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई, तो इसमें स्थानीय प्रशासन भी इसकी तैयारी में जुट गया। मुख्यमंत्री ने जिले के तीनों प्राधिकरणों से फिल्म सिटी को लेकर प्रस्ताव मांगा है।
यमुना प्राधिकरण ने रविवार को अपना प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। प्राधिकरण सेक्टर-21 में एक हजार हेक्टेयर जमीन पर फिल्म सिटी बसाना चाहता है। यह सेक्टर यमुना एक्सप्रेस- वे के किनारे है। लोकेशन के लिहाज से यह बहुत मुफीद है। यहां से शूटिंग के लिए मथुरा, आगरा, जयपुर जैसे शहरों में आसानी से जाया जा सकता है। जेवर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसमें काफी मददगार साबित होगा।
यमुना प्राधिकरण ने भेजे अपने प्रस्ताव में बताया है कि फिल्म सिटी के लिए औद्योगिक दर पर जमीन दी जाएगी। प्रस्ताव में कहा गया कि सेक्टर की लोकेशन बेहद शानदार है। ग्रेटर नोएडा शहर के नजदीक है। यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे पर है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे भी इस सेक्टर के समीप से होकर गुजर रही है। देश का इकलौता फॉर्मूला वन गौतमबुद्ध इंटरनेशनल सर्किट सेक्टर के पास ही है। इस लोकेशन से जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दूरी भी बमुश्किल 15 किलोमीटर है।
प्रस्ताव में कहा कि दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोड़ने वाली रैपिड मेट्रो भी इस सेक्टर के पास से होकर गुजरेगी। लिहाजा, फिल्म सिटी जैसी परियोजना के लिए यह स्थान मुफीद है।
यमुना प्राधिकरण ने फिल्म सिटी के लिए भूखंड आवंटन की दरें भी तय कर दी हैं। चार हजार वर्ग मीटर तक के भूखंड 6670 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मिलेंगे, चार से आठ हजार वर्ग मीटर के भूखंड 5,680 रुपये प्रति वर्ग मीटर, आठ से 20 हजार वर्ग मीटर के भूखंड 4,810 रुपये प्रति वर्ग मीटर, 20 से 40 हजार वर्ग मीटर के भूखंड 4,370 रुपये प्रति वर्ग मीटर, 40 से 80 हजार वर्ग मीटर के भूखंड 4,210 रुपये प्रति वर्ग मीटर और इससे बड़े भूखंड 4,050 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मिलेंगे।
इस बारे में यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि फिल्म सिटी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
उधर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सोमवार को अपना प्रस्ताव भेजेगा। उसकी नाइट सफारी की जमीन पर फिल्म सिटी बसाने की तैयारी है। यहां करीब 550 हेक्टेयर जमीन है। नाइट सफारी का प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। अब इस जमीन पर फिल्म सिटी बसाई जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि सोमवार को इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। मालूम हो कि तीन दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में मंडलीय समीक्षा के दौरान गौतमबुद्ध नगर जिले में फिल्म सिटी बसाने की घोषणा की थी। उसके बाद प्राधिकरणों द्वारा फिल्म सिटी बसाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2020 10:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

