NDA सरकार का जोर जनजातीय समाज के पढ़ाई, कमाई और दवाई पर: PM नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि एनडीए सरकार का जोर जनजातीय समाज की पढ़ाई, कमाई और दवाई पर है. उन्होंने इस दौरान कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में आदिवासी समाज के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसकी वह हकदार थी.
जमुई, 15 नवंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि एनडीए सरकार का जोर जनजातीय समाज की पढ़ाई, कमाई और दवाई पर है. उन्होंने इस दौरान कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में आदिवासी समाज के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसकी वह हकदार थी. एनडीए सरकार का काम करने का अलग तरीका है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के जमुई पहुंचे हैं. पीएम जमुई के खैरा प्रखंड के बल्लोपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं. यहां पीएम मोदी का स्वागत परम्परागत आदिवासी नृत्य के साथ हुआ. प्रधानमंत्री इस दौरान झाल और नगाड़ा बजाते नजर आए. यह भी पढ़ें : जरुरी गुणवत्ता व टिकाऊ विनिर्माण पर ध्यान देने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा: परिधान निर्यात निकाय
इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर, सीएम नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित बिरसा मुंडा और सिद्धू कान्हू के वंशज भी मंच पर मौजूद रहे. पीएम मोदी ने इस दौरान जनजातीय समुदायों के उत्थान और क्षेत्र के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार के उद्देश्य से 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया.
उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की सभी देशवासियों और खास तौर पर आदिवासी भाई-बहनों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के उपलक्ष में उत्सव शुरू हो रहे हैं. ये कार्यक्रम अगले एक साल तक चलेंगे. आज देश के सैकड़ों जिले के एक करोड़ लोग तकनीक के माध्यम से इस कार्यक्रम से सीधे जमुई से जुड़े हैं.
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज को इतिहास में उतना स्थान नहीं दिया गया, जिसके वे हकदार थे. इतिहास ने इस समाज के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है जिसे दूर करने का यह एक ईमानदार प्रयास है. उन्होंने कहा कि आदिवासी वो समाज है, जिसने राजकुमार राम को भगवान राम बनाया. उन्होंने आजादी की लड़ाई में कई बार नेतृत्व किया. मगर उनके इतिहास को मिटाने की कोशिश की गई. इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी. अफसोस है कि भारत की आजादी के लिए एक ही दल (कांग्रेस) को श्रेय दिया गया. उन्होंने कहा, "अगर एक ही परिवार ने आजादी दिलाई, तो फिर बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन क्यों हुआ था. संथाल क्रांति क्या थी. महाराणा प्रताप के रणबांकुरे भीलों को भूल नहीं सकते. छत्रपति शिवाजी को ताकत देने वाले आदिवासियों के सहयोग को नहीं भूला जा सकता है."
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि एनडीए का सौभाग्य है कि द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने का काम किया. उन्होंने इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने पूरे देश से उन्हें जिताने की अपील की थी. उन्होंने कहा, "द्रौपदी मुर्मू जब राष्ट्रपति बनीं तो वह अतिपिछड़ी आदिवासियों का जिक्र किया करती थीं. इनके बारे में पिछली सरकारें नहीं सोचती थी. इनके लिए पीएम जनमन योजना शुरू की गई. इससे देश के पिछड़े आदिवासियों का विकास हो रहा है. आज इस योजना का एक साल पूरा हो रहा है. पिछड़ी जनजातियों को घर, बिजली और सड़क का लाभ दिया जा रहा है. जिसको पिछली सरकारों ने नहीं पूछा, उसे मोदी पूजता है."
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने आदिवासी विरासत को सहेजने के लिए अनेक कदम उठाए हैं. अनेक आदिवासियों को पद्म पुरस्कार से नवाजा गया. आदिवासी विरासत को सहेजने के लिए कई संग्रहालय और रिसर्च सेंटर का शुभारंभ हुआ. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मातृभाषा में इंजीनियरिंग, मेडिकल और तकनीक की परीक्षा के विकल्प दिए. इन फैसलों ने आदिवासी बच्चों के सपनों को पंख दिए हैं. आदिवासी युवाओं ने इंटरनेशनल टूर्नामेंट में देश को मेडल दिलाया.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 15, 2024 02:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

