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जरुरी जानकारी | गुणवत्ता व टिकाऊ विनिर्माण पर ध्यान देने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा: परिधान निर्यात निकाय

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जरुरी जानकारी | गुणवत्ता व टिकाऊ विनिर्माण पर ध्यान देने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा: परिधान निर्यात निकाय

नयी दिल्ली, 15 नवंबर गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तथा टिकाऊ विनिर्माण प्रथाओं पर उद्योग का ध्यान भारत के सिले-सिलाए परिधान निर्यात को बढ़ाने में मदद कर रहा है, जो अक्टूबर में 35 प्रतिशत बढ़ा।

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन सुधीर सेखरी ने कहा कि भारत का जिन देशों (जैसे दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है, उन्हें निर्यात करने से निर्यात में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिल रही है।

सिले-सिलाए परिधानों का निर्यात अक्टूबर में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत बढ़कर 1.22 अरब डॉलर हो गया। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में निर्यात 11.6 प्रतिशत बढ़कर 8.73 अरब डॉलर हो गया।

सेखरी ने इस वृद्धि का श्रेय उद्योग द्वारा गुणवत्ता, स्थिरता तथा सामर्थ्य पर दिए गए जोर को दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की ओर से मांग बढ़ी है।

चेयरमैन ने कहा, ‘‘ टिकाऊ और किफायती होने का हमारा निरंतर प्रयास अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए एक बड़ा आकर्षण है, जो हाल के महीनों के निर्यात वृद्धि में परिलक्षित होता है।’’

उन्होंने साथ ही कहा कि भविष्य में भारत अपने सबसे बड़े परिधान मेले, ‘भारत टेक्स 2025’ की मेजबानी करेगा, जिसका उद्देश्य देश की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करना है।

एईपीसी के महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का परिधान क्षेत्र अच्छी स्थिति में है, क्योंकि वैश्विक खरीदार बांग्लादेश और चीन के विकल्प तलाश रहे हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार मार्गों में मौजूदा व्यवधानों और वैश्विक घटनाओं के कारण बढ़ी लागतों को देखते हुए, उद्योग को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए वित्त पोषण, प्रशिक्षण और निवेश के जरिये सरकारी समर्थन आवश्यक है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 15, 2024 02:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).