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Vodafone Idea To Raise Up To ₹25,000 Crore: वोडाफोन आइडिया बोर्ड ने 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को दी मंजूरी

नई दिल्ली:- समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाये के भुगतान से जूझ रही निजी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (VIL) के निदेशक मंडल ने कंपनी की 25,000 करोड़ रुपये का कोष जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी. कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है. कंपनी निदेशक मंडल की ओर से कोष जुटाने की यह मंजूरी उच्चतम न्यायालय के फैसले के कुछ ही दिन बाद दी गई है. शीर्ष अदालत ने दूरसंचार कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के 10 प्रतिशत का भुगतान इसी वित्त वर्ष में करने का निर्देश दिया है. कंपनियों को एजीआर के शेष बकाये का भुगतान अगले दस साल के दौरान 10 किस्तों में करना होगा, जिसकी शुरुआत अगले वित्त वर्ष से होगी. कंपनी पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का एजीआर का बकाया है. नकदी संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया धन जुटाकर कुछ राहत पा सकती है.

Vodafone Idea To Raise Up To ₹25,000 Crore: वोडाफोन आइडिया बोर्ड ने 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को दी मंजूरी
Vodafone-Idea | File Image | (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली:-  समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाये के भुगतान से जूझ रही निजी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (VIL) के निदेशक मंडल ने कंपनी की 25,000 करोड़ रुपये का कोष जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी. कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है. कंपनी निदेशक मंडल की ओर से कोष जुटाने की यह मंजूरी उच्चतम न्यायालय के फैसले के कुछ ही दिन बाद दी गई है. शीर्ष अदालत ने दूरसंचार कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के 10 प्रतिशत का भुगतान इसी वित्त वर्ष में करने का निर्देश दिया है. कंपनियों को एजीआर के शेष बकाये का भुगतान अगले दस साल के दौरान 10 किस्तों में करना होगा, जिसकी शुरुआत अगले वित्त वर्ष से होगी. कंपनी पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का एजीआर का बकाया है. नकदी संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया धन जुटाकर कुछ राहत पा सकती है.

कंपनी का घाटा लगातार बढ़ रहा है. उसकी प्रति ग्राहक औसत आय (ARPU) घट रही है और ग्राहकों की संख्या भी कमी हुई है. शेयर बाजारों को शुक्रवार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि यह राशि इक्विटी और ऋण के रूप में जुटाई जाएगी. कंपनी अधिकतम 25,000 रुपये जुटाएगी. कंपनी ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDR), अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांड (FCCB), डिबेंचर तथा वॉरंट जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है. कंपनी यह राशि जुटाने के लिए शेयरधारकों तथा अन्य से आवश्यक मंजूरियां लेगी.

सूचना में कहा गया है, ‘कुल 15,000 करोड़ रुपये के गारंटी और बिना गारंटी वाले गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) एक या अधिक किस्तों में सार्वजनिक पेशकश या निजी नियोजन के आधार पर जारी किए जा सकते हैं. शेयरधारकों की 30 सितंबर को प्रस्तावित वार्षिक आमसभा में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. हाल में इस तरह की खबरें आई हैं कि वेरिजॉन और अमेजन कंपनी में चार अरब डॉलर का निवेश कर सकती हैं. हालांकि, वोडाफोन आइडिया ने कहा है कि वह कॉरपोरेट रणनीति के तहत विभिन्न अवसरों का आकलन करती है, लेकिन इस तरह का कोई भी प्रस्ताव फिलहाल बोर्ड के समक्ष नहीं है.

देश के बेहद प्रतिस्पर्धी दूरसंचार बाजार में वोडाफोन आइिडया तीसरी सबसे बड़ी ऑपरेटर है. जियो 2016 में इस बाजार में उतरी थी. उसने ग्राहकों को मुफ्त कॉल और सस्ते डेटा की पेशकश की थी. जियो के प्रवेश के बाद कई दूरसंचार कंपनियों को या तो कारोबार से बाहर निकलना पड़ा, या उनका अधिग्रहण या विलय हो गया. जियो प्लेटफॉर्म्स ने हाल में फेसबुक, गूगल, जनरल अटलांटिक, इंटेल कैपिटल तथा क्वालकॉम वेंचर्स सहित 13 निवेशकों से 1,52,056 करोड़ रुपये जुटाए है. उल्लेखनीय है कि वोडाफोन आइडिया पर एजीआर का कुल बकाया 58,000 करोड़ रुपये से अधिक है. कंपनी इसमें से 7,854 करोड़ रुपये दूरसंचार विभाग को अदा कर चुकी है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2020 10:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).