8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सिर्फ सैलरी ही नहीं, काम के आधार पर इन्क्रीमेंट और DA मर्जर की तैयारी में सरकार
8वें वेतन आयोग में सरकार केवल वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि 'परफार्मेंस लिंक्ड पे' (PLP) और महंगाई भत्ते (DA) के विलय जैसे बड़े संरचनात्मक बदलावों पर विचार कर रही है. इससे कुशल कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलने की संभावना है.
8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर अब एक नया नजरिया सामने आ रहा है. सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बार केवल पारंपरिक तरीके से वेतन बढ़ाने के बजाय 'परफार्मेंस लिंक्ड पे' (Performance-Linked Pay) मॉडल को मजबूती से लागू करने पर विचार कर रही है. इसका सीधा मतलब यह है कि जो कर्मचारी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सामान्य इंक्रीमेंट के अलावा अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिल सकता है. यह कदम सरकारी कामकाज में दक्षता (Efficiency) बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 51,480 रुपये होगी? जानें क्या हैं नए अपडेट्स
50% महंगाई भत्ते (DA) का बेसिक में विलय
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु महंगाई भत्ते का मूल वेतन (Basic Salary) में विलय हो सकता है.
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वर्तमान में DA की दर 50% की सीमा को पार कर चुकी है.
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नियमानुसार, जब DA 50% तक पहुँच जाता है, तो उसे बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाता है.
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यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों के अन्य भत्ते जैसे HRA और एजुकेशन अलाउंस भी खुद-ब-खुद बढ़ जाएंगे. इससे कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में 25% से 30% तक का उछाल आ सकता है.
वेतन वृद्धि के लिए 'आयकरोयड फॉर्मूला' (Aykroyd Formula)
चर्चा है कि 8वां वेतन आयोग वेतन निर्धारण के लिए 'आयकरोयड फॉर्मूला' का उपयोग कर सकता है. यह फॉर्मूला किसी व्यक्ति की बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन, कपड़ा और आवास की वर्तमान कीमतों के आधार पर न्यूनतम वेतन तय करता है.
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इस फॉर्मूले के तहत महंगाई (Inflation) को सीधे वेतन से जोड़ा जाएगा.
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इससे कम आय वाले कर्मचारियों को अधिक राहत मिलेगी, ताकि वे बढ़ती महंगाई का सामना कर सकें.
पेंशनभोगियों के लिए 'कम्यूटेशन' नियमों में बदलाव
पेंशनभोगियों के लिए भी एक अलग एंगल से विचार किया जा रहा है. वर्तमान में पेंशन का एक हिस्सा एडवांस (Commutation) लेने पर उसे 15 साल तक काटा जाता है.
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कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि इसे घटाकर 12 साल किया जाए, क्योंकि अब ब्याज दरें और रिकवरी का गणित बदल चुका है.
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इसके अलावा, चिकित्सा भत्तों (Fixed Medical Allowance) को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने का भी प्रस्ताव है.
निजी क्षेत्र की तर्ज पर 'इंसेंटिव' मॉडल
सरकार चाहती है कि सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) की तरह केंद्र सरकार के विभागों में भी 'इंसेंटिव' आधारित संस्कृति विकसित हो. 8वें वेतन आयोग के माध्यम से ऐसे मानक तय किए जा सकते हैं, जहाँ विभागों के लक्ष्यों (Targets) को पूरा करने वाले कर्मचारियों को विशेष बोनस या हाई-इन्क्रीमेंट दिया जाए. इससे भविष्य में सरकारी नौकरियों का स्वरूप काफी हद तक बदल सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2026 11:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

