यह देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, किसी मोदी और शाह के फरमान से नहीं: संजय सिंह
आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने मंगलवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को ‘गिराने और अस्थिर’ करने का आरोप लगाया तथा कहा कि यह देश बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलेगा ना कि ‘किसी मोदी और शाह के फरमान’ से चलेगा.
नयी दिल्ली, 17 दिसंबर : आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने मंगलवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को ‘गिराने और अस्थिर’ करने का आरोप लगाया तथा कहा कि यह देश बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलेगा ना कि ‘किसी मोदी और शाह के फरमान’ से चलेगा. ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर उच्च सदन में हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिंह ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं व कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी ‘घपले’ से राजधानी के चुनाव जीतना चाहती है. सिंह ने कहा कि भाजपा, महाराष्ट्र और हरियाणा के ‘चुनाव घोटाले’ का प्रयोग दिल्ली में करना चाहती है. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शाहदरा, जनकपुरी, तुगलकाबाद, राजौरी गार्डन और पालम सहित कुछ अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का आरोप लगाया.
वह जब ये आरोप लगा रहे थे तब भाजपा के सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरु कर दिया. इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने सिंह से कहा कि वे जो आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सदन में सत्यापति करें. इसी समय, सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि जिस संविधान ने मतदान की ताकत दी है उसी संविधान में नाम कटवाने का भी प्रावधान है. उन्होंने कहा कि यह देखने वाली बात होगी कि यह इतने दिन से सत्ता में कहीं बांग्लादेशी और रोहिंग्याई वोटों पर तो नहीं बने हुए थे. इस पर संजय सिंह ने दावा किया कि जिनके नाम काटे गए हैं वे उत्तर प्रदेश और बिहार के ‘पूर्वांचली भाई-बहन’ हैं जो 40-40 साल से दिल्ली में रह रहे हैं और अपने श्रम व खून-पसीने से दिल्ली को बना रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘आप (नड्डा) उनको रोहिंग्या कह रहे हैं. हिम्मत कैसे हुई आपकी कि आप हमारे पूर्वांचल के भाइयों को रोहिंग्या कहेंगे, पूर्वांचल के लोगों को बांग्लादेशी कहेंगे.’’ सिंह ने बताया कि जिनके नाम काटे गए हैं, उनमें बसंत बिहार के एक राम सिंह भी हैं. उन्होंने कुछ और नाम गिनाते हुए कहा, ‘‘यह हमारे यूपी-बिहार के लोग हैं जो दिल्ली में 40-40 सालों से रह रहे हैं. ये बांग्लादेशी नहीं हैं, ये रोहिंग्या नहीं है. इनको आपने रोहिंग्या और बांग्लादेशी कहा है. पूर्वांचल के लोग आपकी जमानत जब्त कर देंगे (दिल्ली चुनाव में).’’ यह भी पढ़ें : भाजपा की ‘एक राष्ट एक चुनाव’ के पीछे की मंशा ‘ एक राष्ट्र कोई चुनाव नहीं’ : वेणुगोपाल
सिंह ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि यही ‘घोटाला’ महाराष्ट्र और हरियाणा में किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव घोटाले से जीतना चाहते हैं. दिल्ली में यह चाल नहीं चलेगी. यहां आम आदमी पार्टी बैठी है.’’ हंगामा जारी देख, उपसभापति हरिवंश ने संजय सिंह से संविधान के मुद्दे पर अपनी बात रखने को कहा. इस पर सिंह ने कहा कि जब चुनाव में ही गड़बड़ कर देंगे तो संविधान कहां से बचेगा? सिंह ने सरकार से यह सवाल भी किया कि भाजपा के दावे के मुताबिक अगर दिल्ली में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाता हैं तो यह कैसे हुआ. उन्होंने पूछा, ‘‘पिछले 10 साल से हिंदुस्तान में किसकी सरकार है? क्या यहां ट्रंप की सरकार है? कि ओबामा की सरकार है? यहां ‘महामानव’ की सरकार है. सीमा की सुरक्षा किसके जिम्मे है? यह अमित शाह के जिम्मे है. त्रिपुरा, असम, बंगाल से भारत की सीमा लगती है. ये दिल्ली कैसे आ गए? सरकार क्या कर रही थी?’’
उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि अगर 10 साल में उसने 10 बांग्लादेशी घुसपैठियों को दिल्ली से भगाया हो तो उनके नाम बताए. सिंह ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘एक उद्योगपति भारत की बिजली चोरी करके’ बांग्लादेशियों का घर रोशन करता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के चुनाव में ‘हिंदू-मुसलमान’ किया गया तो यहां की जनता स्कूल और अस्पताल से इसका जवाब देगी. उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के चुनाव मुद्दों के ऊपर लड़िए.’’ आप सदस्य ने कहा कि वर्तमान सरकार ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में सरकारें गिराईं. उन्होंने कहा, ‘‘ये सरकारें गिराते हैं... पूरे देश में तोड़फोड़ और खरीद फरोख्त करके सरकारों को गिराने का काम करते हैं. इसलिए मैं कहता हूं जब ये लोकतंत्र और संविधान के बारे में बोलते हैं तो अच्छा...यह देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, किसी मोदी और शाह के फरमान से नहीं चलेगा.’’ सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए नेता सदन नड्डा ने कहा कि नियमों के मुताबिक मतदाता सूची को लेकर आपत्ति जताने का अधिकार हैं और इसी के तहत भाजपा की तरफ से आपत्तियां दर्ज कराई गईं.
उन्होंने कहा, ‘‘वह चाहे पूर्वांचल के हों, चाहे रोहिंग्या या चाहे बांग्लादेशी हों, इसको संविधान की नजर से देखने की आवश्यकता है, राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.’’ नड्डा ने कहा कि आप सदस्य ने केंद्र सरकार पर सरकारों को गिराने का आरोप लगाया लेकिन सत्य यह है कि इन्हीं राज्यों में भाजपा ने भारी बहुमत से अपनी सरकारें बनाई. उन्होंने कहा, ‘‘वह समय दूर नहीं जब हम दिल्ली में भी आएंगे.’’ नड्डा ने उपसभापति से कहा कि सिंह ने बहुत सारी बातें ऐसी कही हैं कि जो रिकार्ड में नहीं जाना चाहिए. उन्होंने आसन से उन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर निकालने का अनुरोध किया.
इससे पहले, सिंह ने आर्थिक असमानता की बात की और कहा कि देश के 5 प्रतिशत लोगों के पास देश की 60 प्रतिशत संपत्ति है और देश के 50 प्रतिशत लोगों के पास मात्र 3 प्रतिशत संपत्ति है. उन्होंने कहा कि इससे भारत में गैर बराबरी बढ़ रही है. उन्होंने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि वे ‘मस्जिद में भगवान का दर्शन करने जाते हैं और मस्जिद में मंदिर खोजते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ये भारत खोदो योजना चला रहे हैं. इसे बंद करो. इससे देश का विकास होने वाला नहीं है.’’ सिंह ने इस अवसर पर दिल्ली में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया और कहा कि लगातार बढ़ रहे अपराध से राजधानी दिल्ली सहमी हुई है और परेशान है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2024 05:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

