27 फरवरी की बड़ी खबरें और न्यूज अपडेट
पाकिस्तान ने काबुल समेत अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर हवाई हमले किए.
पाकिस्तान ने काबुल समेत अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर हवाई हमले किए. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इन हमलों को "खुला युद्ध" करार दिया है. जानिए 27 फरवरी की बड़ी और अहम खबरें.पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ "खुले युद्ध" का एलान किया
आबकारी नीति मामले में बरी हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया
रास्ते में मारे गए या गुम हो गए करीब 8,000 आप्रवासी
संयुक्त राष्ट्र के संगठन, इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) के मुताबिक, पिछले साल दूसरे देशों के लिए निकले 7,667 आप्रवासी या तो रास्ते में ही मारे गए या लापता हो गए. इन आंकड़ों का हवाला देते हुए आईओएम ने राहत और बचाव संगठनों को बेहतर वित्तीय मदद देने की अपील की है. साथ ही लोगों की जान खतरे में डालने वाले मानव तस्करी नेटवर्कों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है.
आईओएम ने 2014 से यह डाटा जुटाना शुरू किया. 2024 में 9,200 आप्रवासियों की मौत दर्ज की गई. IOM का कहना है कि 2025 का आंकड़े भले ही कम लग रहे हों, लेकिन सच्चाई इससे अलग हो सकती है. 2025 में फंडिंग और संसाधनों की कमी के चलते कई मामले दर्ज नहीं किए गए.
बेहतर या सुरक्षित भविष्य की तलाश में दूसरे देशों का रुख करने वाले लोगों की मौत की संख्या 2026 में भी बढ़ती दिख रही है. इस साल के शुरुआती दो महीनों में ही अब तक 606 मौतें दर्ज की गई हैं.
संबंध सुधारने की उम्मीद में भारत पहुंचे कनाडाई पीएम मार्क कार्नी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार, 27 फरवरी को मुंबई पहुंचे. यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा है. कार्नी मुंबई में व्यावसायिक दिग्गजों से मुलाकात करेंगे और एक व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे. इसके बाद वे दिल्ली आएंगे, जहां उनकी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी.
जस्टिन ट्रूडो के प्रधानमंत्री रहते भारत और कनाडा के रिश्ते बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे. ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि कनाडाई नागरिक और सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ था. भारत ने इन आरोपों से इनकार किया था और दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का लंबा दौर चला था.
हालांकि, कार्नी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद भारत से संबंध सुधारने की पहल की. जिसके बाद कनाडा में पिछले साल हुए जी-20 सम्मेलन में नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. अब कार्नी की इस यात्रा को संबंध सुधारने की प्रक्रिया में अगला बड़ा कदम बताया जा रहा है. इस मामले में एक बड़ी भूमिका अमेरिका की भी है.
दोबारा अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने कई बार कनाडा पर हमला बोला है, जिससे दोनोंदेशों के संबंध बिगड़े हैं. ऐसे में मार्क कार्नी अब भारत, चीन और मध्यपूर्व में स्थित देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाना चाह रहे हैं ताकि अमेरिका पर से उनकी निर्भरता कम हो सके.
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौता नवंबर तक पूरा हो सकता है. वहीं, कनाडा में भारत के उच्चायुक्त ने रॉयटर्स को बताया था कि कार्नी भारत के साथ 10 साल के यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.
एप्स्टीन मामले में हिलेरी के बाद अब बिल क्लिंटन की पेशी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की शुक्रवार को एक संसदीय समिति के सामने पेशी होनी है. इस दौरान बिल क्लिंटन से बच्चों के यौन अपराधी और तस्कर जेफ्री एप्स्टीन से संबंधों के बारे में पूछताछ की जाएगी. 2019 में जेल में मृत मिले एप्स्टीन के साथ बिल क्लिंटन के करीबी रिश्ते थे. एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेजों में बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन का कई बार जिक्र आया है.
गुरुवार को संसदीय समिति ने इस मामले में बिल क्लिंटन की पत्नी और अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से पूछताछ की. इस दौरान अपने ओपनिंग स्टेटमेंट में हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "अगर समिति एप्स्टीन के तस्करी अपराधों के प्रति गंभीर है...तो उसे शपथ के तहत सीधे (ट्रंप) से पूछना चाहिए क्योंकि एप्स्टीन फाइल्स में लाखों बार उनका जिक्र आया है."
क्लिंटन दंपत्ति का कहना है कि न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में उनका नाम जरूर है, लेकिन उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है. बिल क्लिंटन एप्स्टीन के विवादित द्वीप में जाने से इनकार कर चुके हैं.
एप्स्टीन और उसकी पार्टनर ग्लेन मैक्सवेल, नाबालिगों के साथ यौन अपराध करने और इन यौन अपराधों के लिए लड़कियों को तस्करी करने की दोषी हैं. एप्स्टीन की मौत हो चुकी है और ग्लेन मैक्सवेल जेल में है. ऐसे में जांच अब उन बड़े नामों की हो रही है जिनका जिक्र एप्स्टीन फाइल्स में है. सवाल है कि क्या ये दिग्गज हस्तियां भी नाबालिगों के साथ यौन अपराधों में शामिल थीं?
आबकारी नीति मामले में बरी हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार, 27 फरवरी को दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया. उनके अलावा 21 अन्य लोगों को भी इस मामले में राहत दी गई है, जिनमें तेलंगाना जागृति पार्टी की नेता के कविता भी शामिल हैं. विशेष न्यायाधीश जीतेंद्र सिंह ने सीबीआई द्वारा आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए गए केस को बंद करने का आदेश सुनाया.
कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि 23 आरोपियों में से किसी के भी खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है. कोर्ट ने सरकारी गवाह के बयानों के आधार पर मामला बनाने के लिए सीबीआई को फटकार भी लगाई. कोर्ट ने यह भी कहा कि वे उन सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश करेंगे, जिन्होंने एक सरकारी कर्मचारी कुलदीप सिंह को आरोप नंबर एक बनाया.
कोर्ट ने कहा, "अगर इस तरह के आचरण की अनुमति दी जाती है, तो यह संवैधानिक सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन होगा. ऐसा आचरण जहां आरोपी को माफी दी जाती है और फिर उसे सरकारी गवाह बना दिया जाता है. उसके बयानों का इस्तेमाल जांच/विवरण में मौजूद कमियों को भरने और अन्य लोगों को आरोपी बनाने के लिए करना गलत है."
सीबीआई ने साल 2022 में उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया था. आरोप था कि साल 2021-22 की आबकारी नीति में कुछ विशेष लोगों को फायदा पहुंचाने के मकसद से हेरफेर किया गया. सीबीआई का आरोप था कि आम आदमी पार्टी और इसके नेताओं ने आबकारी नीति में हेरफेर करने के बदले में शराब निर्माताओं से रिश्वत ली. हालांकि, अब कोर्ट ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ "खुले युद्ध" का एलान किया
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हवाई हमले किए हैं. काबुल समेत अफगानिस्तान के कुछ बड़े शहरों पर किए गए इन हवाई हमलों को पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने "खुला युद्ध" बताया है. दोनों पड़ोसी देशों के बीच बीते कुछ महीनों से लगातार छिटपुट संघर्ष चल रहा था.
बीते रविवार, 22 फरवरी को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए थे. उन हमलों का बदला लेने का एलान करते हुए अफगानिस्तान ने गुरुवार को पाकिस्तानी सीमा पर धावा बोला. शुक्रवार को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान की कई चौकियों को नियंत्रण में ले लिया है और कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाया है.
तालिबान के इस दावे के बाद शुक्रवार देर शाम पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर बड़े स्तर पर हवाई हमले किए. इन हमलों के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, "हमारा सब्र अपनी सीमा तक पहुंच गया है. अब यह आपके और हमारे बीच एक खुला युद्ध है."
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान सरकार, तहरीक ए पाकिस्तान, नाम के संगठन को पनाह दे रही है और यह संगठन पाकिस्तान पर हमले करता रहता है. काबुल ने इस्लामाबाद के इन आरोपों को खारिज किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2026 02:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

