Tamil Nadu: अन्नामलाई को रोकने के लिए द्रमुक, अन्नाद्रमुक कर रहे कड़ी मेहनत
तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम के दिग्गज मंत्री पलानीवेल थियाग राजन को जब मई 2023 में वित्त मंत्रालय से हटा कर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भेजा गया तब माना जा रहा था कि यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा सार्वजनिक किये गये ऑडियो क्लिप का ही नतीजा है.
कोयंबटूर, 17 अप्रैल : तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम के दिग्गज मंत्री पलानीवेल थियाग राजन को जब मई 2023 में वित्त मंत्रालय से हटा कर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भेजा गया तब माना जा रहा था कि यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा सार्वजनिक किये गये ऑडियो क्लिप का ही नतीजा है. अन्नामलाई ने इसका पूरा लाभ उठाया और आज भी वह सत्तारूढ़ द्रमुक एवं विपक्षी अन्नाद्रमुक को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. कोयंबटूर से भाजपा उम्मीदवार अन्नामलाई द्रमुक और अन्नाद्रमुक को लगातार चुनौती दे रहे हैं तथा कच्चातीवु द्वीप विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी भी उनके निशाने पर आ गई है.
अन्नाद्रमुक नेताओँ ने अन्नामलाई पर आरोप लगाया है कि उन्होंने द्रविड़ आदर्श माने जाने वाले सीएन अन्नादुराई और दिवंगत पार्टी सुप्रीमो जे जयललिता के बारे में भला बुरा कहा था और यही वजह है कि पार्टी ने पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ा था. तमिलनाडु की राजनीति में चाहे ऑडियो क्लिप प्रकरण हो या अन्नाद्रमुक का भाजपा से नाता तोड़ना, अन्नामलाई किसी न किसी तरह से चर्चा का केंद्र बने रहे. तमिलनाडु की कोयंबटूर सीट के चुनाव पर सब की निगाहें टिकी हैं. थियागाराजन ने भाजपा के इस आरोप को खारिज कर दिया था कि ऑडियो क्लिप में उनकी आवाज है. राजन को दूसरे मंत्रालय में स्थानांतरित करने के लगभग एक साल बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस संबंध में कहा कि यह कदम भाजपा के आरोपों पर नहीं बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में सुधार करने के लिए गया था. यह भी पढ़ें :Uttar Pradesh: सहारनपुर में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के रोड शो में उमड़ा जनसैलाब -Video
तमिलनाडु की राजनीति में अपना दबदबा साबित करने के लिए सत्तारूढ़ द्रमुक ने कोयंबटूर सीट सहयोगियों को नहीं दी बल्कि यहां से अपनी पार्टी के पूर्व महापौर पी गणपति राजकुमार को उम्मीदवार बनाया है. पिछले लोकसभा चुनाव में यह सीट द्रमुक की सहयोगी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार ने जीती थी. द्रमुक ने इस चुनाव में अपनी कई कल्याणकारी योजनाओं पर दांव लगाया है जिसमें बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा शामिल है. अन्नाद्रमुक ने सबसे कम उम्र के उम्मीदवार सिंगाई जी रामचंद्रन (36) को कोयंबटूर सीट से उम्मीदवार बनाया है. उन्होंने और अन्नामलाई ने आईआईएम से स्नातक किया है. द्रमुक के 58 वर्षीय उम्मीदवार राजकुमार ने पत्रकारिता में पीएचडी की है. चुनाव से पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और विपक्ष के नेता एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने कहा है कि यह लड़ाई केवल उनकी पार्टी और द्रमुक के बीच है. लेकिन भाजपा अच्छी तरह से जड़ें जमा चुकी द्रविड़ पार्टियों को टक्कर देने के लिए कड़ी मेहनत और उत्साह से काम कर रही है.
भाजपा कार्यकर्ता विजयी होने के लिए अन्नामलाई की लोकप्रियता पर निर्भर हैं. उन्होंने तमिलनाडु की जनता को 500 दिनों में 100 वादे पूरा करने का आश्वासन दिया है, जिसमें नदियों की सफाई, एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर खाद्य वैन की सुविधा देना शामिल है. परंपरागत रूप से तो कोयंबटूर अन्नाद्रमुक का गढ़ रहा है लेकिन वामपंथी संगठनों और उनसे संबद्ध ट्रेड यूनियनों का यहां श्रमिकों के एक वर्ग पर अच्छा प्रभाव है. कई क्षेत्रों में भाजपा का भी प्रभाव है. यहां हिंदू संगठनों की तुलनात्मक रूप से अच्छी उपस्थिति है. तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2024 01:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

