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Bengaluru Stampede: सीएम सिद्धारमैया ने पुलिस को माना भगदड़ का जिम्मेदार, पुलिस कमिश्नर समेत कई अधिकारी सस्पेंड

आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के बाद आयोजित किए गए सम्मान समारोह ने एक भयानक मोड़ ले लिया. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए भयानक भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई.

Bengaluru Stampede: सीएम सिद्धारमैया ने पुलिस को माना भगदड़ का जिम्मेदार, पुलिस कमिश्नर समेत कई अधिकारी सस्पेंड
Bengaluru Stampede | PTI

बेंगलुरु: आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के बाद आयोजित किए गए सम्मान समारोह ने एक भयानक मोड़ ले लिया. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए भयानक भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 47 लोग घायल हो गए. यह हादसा तब हुआ जब हजारों की भीड़ अपने चहेते खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम के बाहर उमड़ी थी.

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हादसे के एक दिन बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सख्त कदम उठाते हुए बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर, एसीपी, डीसीपी, Cubbon Park थाना प्रभारी, स्टेडियम प्रभारी सहित कई शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया. उन्होंने कहा कि यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

RCB, इवेंट मैनेजर्स और KSCA के खिलाफ FIR

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने RCB प्रतिनिधि, DNA इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के सदस्यों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है. इन सभी पर आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने Cubbon Park थाना में स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की है.

कैसे हुआ हादसा?

शुरुआती जांच के अनुसार, स्टेडियम के पास एक नाले पर अस्थायी रूप से रखा गया स्लैब भीड़ के वजन से टूट गया, जिससे अफरातफरी मच गई और भगदड़ हो गई. यह समारोह केवल पास और टिकट धारकों के लिए था, लेकिन भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई. पुलिस ने पहले ही इस आयोजन को रविवार को आयोजित करने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने एक दिन बाद ही आयोजन करने का फैसला किया.

CID जांच और हाई कोर्ट की निगरानी

सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि इस हादसे की जांच क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंपी गई है. साथ ही सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज जॉन माइकल डी'कुन्हा की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग गठित किया जाएगा. कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी इस मामले में सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी है और अगली सुनवाई 10 जून को होगी.

सरकार के दावे और सच्चाई में अंतर

जहां डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि 5,000 पुलिसकर्मी तैनात थे, वहीं सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक 1,000 पुलिसकर्मी ही मौजूद थे. यह विरोधाभास भी सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2025 10:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).