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‘भारत छोड़ो’ आंदोलन हमें अपनी सबसे बड़ी शक्ति की याद दिलाता है: वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन की वर्षगांठ समृद्ध, समावेशी, शांतिपूर्ण एवं सौहार्द्रपूर्ण भारत के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर है.

‘भारत छोड़ो’ आंदोलन हमें अपनी सबसे बड़ी शक्ति की याद दिलाता है: वेंकैया नायडू
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (Photo Credits Facebook)

नयी दिल्ली, 9 अगस्त : उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन की वर्षगांठ समृद्ध, समावेशी, शांतिपूर्ण एवं सौहार्द्रपूर्ण भारत के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर है. ब्रिटिश शासन के खिलाफ इस निर्णायक आंदोलन की शुरुआत आज ही के दिन 1942 में हुई थी. महात्मा गांधी ने आठ अगस्त को कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में ‘करो या मरो’ के नारे के साथ ‘अंग्रेजो, भारत छोड़ो’ का आह्वान किया था.

‘भारत छोड़ो’ आंदोलन की 80वीं वर्षगांठ पर नायडू ने ट्वीट कर कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि एकता हमारी सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है. यह भी पढ़ें : Muharram 2022: मुहर्रम पर सीएम शिवराज सिंह ने हज़रत इमाम हुसैन के बलिदान को किया याद

उन्होंने कहा, ‘‘अपने स्वतत्रंता सेनानियों के नि:स्वार्थ बलिदान और अथक प्रयासों को याद करते हुए हम ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें, जो समृद्ध, समावेशी, शांतिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण हो.’’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह उन महान पुरुषों तथा महिलाओं को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2022 11:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).