भीड़ के कारण ट्रेन में नहीं चढ़ पाने से आक्रोशित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी कोच के शीशे तोड़े
Rail (img: Wikimedia Commons)

मधुबनी, 11 फरवरी : महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की भीड़ के कारण बिहार के मधुबनी रेलवे स्टेशन पर कथित तौर पर ट्रेन में नहीं चढ़ पाने से आक्रोशित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के वातानुकूलित (एसी) डिब्बे के शीशे तोड़ दिये. पुलिस ने यह जानकारी दी. बिहार पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘10 फरवरी की शाम मधुबनी रेलवे स्टेशन पर कुछ यात्रियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी डिब्बे के शीशे तोड़े जाने की सूचना प्राप्त हुई.’’

बयान में कहा गया कि सूचना प्राप्त होते ही पुलिस तत्काल रेलवे स्टेशन पर पहुंची जहां स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जयनगर से प्रयागराज जाने के क्रम में मधुबनी रेलवे स्टेशन पर रुकी. इसमें कहा गया, ‘‘ट्रेन में यात्रियों की भीड़ के कारण एक एसी डिब्बे में बैठे यात्री दरवाजा नहीं खोल रहे थे जबकि प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ यात्रियों का उसी डिब्बे में आरक्षण था. धक्का-मुक्की एवं भाग-दौड़ के क्रम में कुछ डिब्बे के शीशे टूट गये. इस संदर्भ में रेल पुलिस कार्रवाई कर रही है.’’ यह भी पढ़ें : Maharashtra: लोकल ट्रेन के अंदर मोबाइल फोन में विस्फोट, कोई हताहत नहीं

बयान के मुताबिक ट्रेन बाद में मधुबनी रेलवे स्टेशन से अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुई. इस घटना का एक वीडियो सार्वजनिक हुआ है जिसमें रिजर्वेशन होने के बावजूद मधुबनी रेलवे स्टेशन पर उक्त ट्रेन में सवार नहीं हो पाए राजनगर निवासी प्रीतम कुमार ने बताया, ‘‘ट्रेन में जयनगर से ही यात्रियों की भारी भीड़ थी. इस रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर ट्रेन के सभी डिब्बे के दरवाजे अंदर से बंद थे. बोगी का गेट लगातार खटखटाने पर भी किसी ने गेट नहीं खोला. रेलवे स्टेशन पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था जो डिब्बों के बंद दरवाजे खुलवाते. ट्रेन का सिग्नल हो जाने पर लोग आक्रोशित हो गए और ट्रेन का शीशा तोड़ने लगे.’’

एक अन्य यात्री ने कहा, ‘‘ ट्रेन के भीतर टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल के कर्मी मौजूद थे लेकिन उन्होंने डिब्बे के गेट नहीं खोले.’’ सार्वजनिक हुए वीडियो में एक अन्य यात्री ने कहा ‘‘ रिजर्वेशन होने के बावजूद मधुबनी रेलवे स्टेशन पर उक्त ट्रेन में सवार नहीं हो पाने के बाद जब हम लोग अपने पैसे वापस मांगने गए तो रेलवे पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एक बच्चे का सिर फट गया.’’