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Nipah Outbreak in Kerala: निपाह के प्रकोप के बाद कोझिकोड में शैक्षणिक संस्थान 2 दिनों के लिए बंद

उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के संक्रमण के मद्देनजर सभी शैक्षिक संस्थानों में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया है. अवकाश की घोषणा कोझिकोड की जिलाधिकारी ए गीता ने की. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में लिखा कि छात्रों के लिए शैक्षिक संस्थान दो दिनों तक ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था कर सकते हैं...

Nipah Outbreak in Kerala: निपाह के प्रकोप के बाद कोझिकोड में शैक्षणिक संस्थान 2 दिनों के लिए बंद
प्रतीकात्मक तस्वीर (Representative Image; Photo Credit: Pixabay)

कोझिकोड (केरल), 14 सितंबर: उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के संक्रमण के मद्देनजर सभी शैक्षिक संस्थानों में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया है. अवकाश की घोषणा कोझिकोड की जिलाधिकारी ए गीता ने की. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में लिखा कि छात्रों के लिए शैक्षिक संस्थान दो दिनों तक ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की परीक्षा सारणी में कोई परिवर्तन नहीं होगा. राज्य हाल में निपाह वायरस का संक्रमण फैल रहा है. बुधवार को 24 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी वायरस से संक्रमित पाया गया. यह केरल में संक्रमण का पांचवा मामला है. इस बीच, कोझिकोड में निपाह वायरस के संक्रमण को देखते हुए पड़ोसी जिले वायनाड में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. यह भी पढ़ें: Nipah Virus: केरल में बढ़ा निपाह वायरस का खतरा, लक्षण दिखने के बाद 13 लोग मेडिकल कॉलेज में भर्ती; ऐसे हैं हालात

वायनाड जिला प्रशासन ने 15 कोर समितियों का गठन किया है, जो संक्रमण के रोकथाम एवं निगरानी गतिविधियों का नेतृत्व करते हुए आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने का कार्य करेंगी. सरकार ने बताया कि राज्य में मिले वायरस का स्वरूप बांग्लादेश में मौजूद वायरस के स्वरूप से मिलता जुलता है जो मानव से मानव में फैलता है और इसकी मृत्यु दर अधिक है. हालांकि यह वायरस कम संक्रामक है.

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राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया था कि उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आने वाले सभी 76 लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है. सरकार ने बताया कि अन्य 13 लोगों में मध्यम लक्षण देखे गए हैं जिन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा गया है. संक्रमितों में से केवल नौ वर्षीय बच्चे को गहन चिकित्सा देखभाल इकाई में रखा गया है. सरकार ने बताया कि बच्चे के इलाज के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी मांगा गया है. यह निपाह वायरस संक्रमण के लिए एकमात्र उपलब्ध एंटी-वायरल उपचार है लेकिन यह अब तक चिकित्सकीय रूप से सिद्ध नहीं हुआ है.

मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाले वायरस के संक्रमण के मद्देनजर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक का भी आयोजन हुआ. जॉर्ज ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति का गहन विश्लेषण किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘हम इस निष्कर्ण पर पहुंचे हैं कि संक्रमण की रोकथाम के लिए संभावित उपाय मौजूद हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है.’

मंत्री ने यह भी बताया था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और आईसीएमआर के अध्ययनों से सामने आया है कि केवल कोझिकोड ही नहीं बल्कि पूरे केरल राज्य में इस तरह के संक्रमण के फैलने का खतरा है. जॉर्ज के अनुसार, वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक सावधानी बरतनी होगी क्योंकि निपाह वायरस का नवीनतम मामला वन क्षेत्र के पांच किलोमीटर के भीतर सामने आया था.

कोझिकोड जिले में मंगलवार को घोषित वार्ड के अलावा चार और वार्ड - विल्यापल्ली पंचायत में तीन तथा पुरमेरी पंचायत में एक वार्ड को कल निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया. कोझिकोड प्रशासन ने बीमारी की गंभीर प्रकृति को देखते हुए मंगलवार को सात ग्राम पंचायतों अतानचेरी, मारुथोंकारा, तिरुवल्लुर, कुट्टियाडी, कयाक्कोडी, विल्यापल्ली और कविलुम्परा को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया था.

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2023 10:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).