Kerala News: केरल के कोझिकोड जिले में नागरिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है. यहाँ 73 वर्षीय प्रभावती अम्मा ने सड़क पर भारी ट्रैफिक के बीच फुटपाथ का उपयोग करने वाले एक स्कूटी सवार को न सिर्फ रोका, बल्कि उसे सड़क पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब केरल प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया है.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना कोझिकोड के एरनजीपलम (Eranjipalam) बाईपास के पास की है. प्रभावती अम्मा पास की एक दुकान पर जा रही थीं, तभी उन्होंने देखा कि एक स्कूटी सवार ट्रैफिक जाम से बचने के लिए पैदल चलने वालों के लिए बने फुटपाथ पर गाड़ी चला रहा था. अम्मा ने बिना डरे स्कूटी के सामने खड़े होकर उसे रोक दिया.
जब सवार ने उन्हें हटने के लिए कहा, तो उन्होंने सख्ती से जवाब दिया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए है, गाड़ियों के लिए नहीं. जब उसने बहस करने की कोशिश की, तो अम्मा ने अपना मोबाइल निकालकर उसकी फोटो लेनी शुरू कर दी, जिसके बाद घबराकर सवार को गाड़ी पीछे लेनी पड़ी.
अम्मा साहस के लिए हुईं सम्मानित
VIDEO | Kerala: Kozhikode grandmother confronts traffic violator, earns praise online
Seventy-three-year-old Prabhavathi Amma has shown that age is no barrier to standing up against wrongdoing, winning widespread appreciation on social media after confronting a traffic… pic.twitter.com/iOUSh2AufU
— Press Trust of India (@PTI_News) February 14, 2026
सरकार और विभाग ने किया सम्मानित
वीडियो के वायरल होते ही केरल के परिवहन मंत्री के.बी. गणेश कुमार ने उनके साहस की प्रशंसा की. इसके तुरंत बाद, केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) के अधिकारी प्रभावती अम्मा के घर पहुंचे और उन्हें पारंपरिक शॉल (पोननाड़ा) पहनाकर सम्मानित किया. अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति उनकी जागरूकता समाज के लिए एक उदाहरण है.
नियमों का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई
प्रशासन ने इस मामले में केवल अम्मा का सम्मान ही नहीं किया, बल्कि आरोपी स्कूटी सवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की है. एमवीडी (MVD) ने फुटपाथ पर गाड़ी चलाकर पैदल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डालने के आरोप में उस व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया है.
"अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी"
मीडिया से बात करते हुए प्रभावती अम्मा ने बताया कि वह बचपन में स्काउट्स एंड गाइड्स में सक्रिय थीं, जहाँ उन्होंने अनुशासन और नागरिक बोध (Civic Sense) सीखा था. उन्होंने कहा, "ज्यादातर लोग गलत होते देखकर भी चुप रहते हैं, लेकिन हमें अन्याय के खिलाफ बोलना चाहिए. अगर हम चुप रहेंगे, तो नियम तोड़ने वालों के हौसले और बढ़ेंगे."












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