Vinayak Mete Death: मराठा आरक्षण समर्थक विनायक मेटे की मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना में मौत
शिव संग्राम पार्टी के नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व सदस्य विनायक मेटे की रविवार सुबह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई.
मुंबई, 14 अगस्त : शिव संग्राम पार्टी के नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व सदस्य विनायक मेटे की रविवार सुबह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. वह 52 वर्ष के थे. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. मेटे मराठा समुदाय के लिए आरक्षण के कट्टर समर्थक थे. अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना सुबह करीब सवा पांच बजे पड़ोसी रायगढ़ जिले के रसायनी थाना क्षेत्र के मडप सुरंग के पास हुई. उन्होंने कहा कि दुर्घटना के वक्त कार में एक अन्य व्यक्ति और उनका ड्राइवर था.
अधिकारी ने कहा कि मडप सुरंग के पास एक वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी और सभी को गंभीर चोटें आईं. उन्होंने कहा कि इन सभी को नवी मुंबई के कामोठे के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां मेटे को मृत घोषित कर दिया गया. मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड जिले के रहने वाले पूर्व विधान पार्षद मराठा आरक्षण के समर्थक थे. वह एक बैठक में शामिल होने के लिए मुंबई जा रहे थे. यह भी पढ़ें : ललन की ईर्ष्या, नीतीश की अति-महत्वाकांक्षा, तेजस्वी की हताशा ने एनडीए को विभाजित किया: सुशील मोदी
महाराष्ट्र के मंत्री और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मेटे की मौत उनके लिए सदमे की तरह है. पाटिल ने कहा, ‘‘वह वास्तव में मराठा आरक्षण के मुद्दे को उठा रहे थे. यह हमारे और मराठा समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति है.’’
2008 में मेटे और उनके संगठन के कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के तत्कालीन राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ अखबार में एक संपादकीय का विरोध करने के लिए एक मराठी दैनिक के तत्कालीन संपादक कुमार केतकर के ठाणे स्थित आवास पर हमला किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2022 09:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

