आईआरजीसी में सेवा दे चुके लोगों के लिए ईरान ने की फीफा वर्ल्ड कप के लिए वीजा की मांग
फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने से पहले ईरान ने कई शर्ते सामने रखी हैं.
फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने से पहले ईरान ने कई शर्ते सामने रखी हैं. इसमें ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा है कि इन शर्तों के साथ ही उनकी टीम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी.ईरान के फुटबॉल फेडरेशन ने जानकारी दी है कि ईरान 2026 फीफा विश्व कप में जरूर हिस्सा लेगा और इस बात पर जोर दिया कि टूर्नामेंट के मेजबान अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको ईरानी टीम की यात्रा और उनके साथ होने वाले व्यवहार से जुड़ी तेहरान की चिंताओं पर विचार करें. ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कहा, "सभी खिलाड़ियों और तकनीकी कर्मचारियों, खासतौर से वे जिन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स में अपनी सैन्य सेवा पूरी की है, उन्हें बिना किसी समस्या के वीजा दिया जाना चाहिए."
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बयान जारी कर कहा है कि ईरान ने फीफा में भागीदारी से जुड़ी शर्तें पेश की हैं जिनमें वीजा, सुरक्षा और ईरानी खिलाड़ियों और अधिकारियों के साथ सही व्यवहार की गारंटी शामिल है . साथ ही आगे कहा कि ईरान अपने विश्वास, संस्कृति और धारणाओं से पीछे हटे बिना फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगा. पिछले महीने कनाडाई अधिकारियों ने फीफा कांग्रेस से पहले मेहदी ताज को प्रवेश देने से इनकार कर दिया था, उसके बाद ही ईरान का यह बयान आया है.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कथित तौर पर ईरान के रिवल्यूशनरी गार्ड के साथ उनके पिछले संबंधों के कारण ऐसा किया गया था. आईआरजीसी को अमेरिका और कनाडा दोनों ने एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया हुआ है. ताज ने बार-बार कहा है कि ईरान फीफा से आश्वासन मांगेगा कि विश्व कप के दौरान ईरानी अधिकारियों, खिलाड़ियों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए.
यह मामला ईरान के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक, मेहदी तारेमी को प्रभावित कर सकता है, जो टीम के कप्तान और स्ट्राइकर हैं. वह भी रिवल्यूशनी गार्ड में अपनी अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी कर चुके हैं. ईरान की टीम को ग्रुप जी में बेल्जियम, न्यूजीलैंड और मिस्र के साथ रखा गया है और वह लॉस एंजिल्स के पास इंगलवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी.
ईरान ने लगातार चार और कुल सात विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है लेकिन वह कभी भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाया है. दुनिया में 21वें नंबर पर काबिज ईरान एशियाई क्वॉलीफाइंग में केवल एक मैच हारा है. 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राएल के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद ईरान का संकट बढ़ गया है. अमेरिका में भी वर्ल्ड कप के कुछ मैच आयोजित होने हैं लेकिन वहां ईरान के नागरिकों के आने पर पाबंदी लगी हुई है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2026 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

