Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के कई गांवों का बारिश के मौसम में उफनते नदी-नालों के कारण जिला और ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट जाने से ग्रामीणों को प्रसव सहित विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले दिनों ऐसे दो मामले प्रमुख रूप से सामने आए. पहले मामले में एक गर्भवती महिला को बैलगाड़ी में बिठाकर नदी पार कराकर जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया जबकि दूसरे मामले में प्रसव पीड़ा के बाद एक महिला को चारपाई पर लिटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया क्योंकि जलभराव और कीचड़ के चलते वाहन उसके घर तक नहीं पहुंच सका.
सुरक्षित प्रसव हुआ
राहत की बात यह रही की दोनों मामलों में महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हुआ और जच्चा-बच्चा सुरक्षित हैं. इस दौरान ग्रामीणों में सड़कों की बदहाली के लिए सरकार के खिलाफ रोष भी सामने आया. यह भी पढ़े: Sidhi Shocker: मध्य प्रदेश में विकास की खुली पोल! सड़क नहीं होने की वजह से गर्भवती महिला को खाट से पहुंचाया गया एम्बुलेंस तक, सीधी जिले का वीडियो आया सामने; VIDEO
अस्पताल ले जाते हुए वीडियो
देखें वीडियो
ना सांसद का हेलीकॉप्टर,
ना मुख्यमंत्री की PM श्री एम्बुलेंस योजना!
सीधी ज़िले में एक गर्भवती महिला को खाट पर लादकर पैदल लाया गया और जब तक एम्बुलेंस तक पहुंचते, उसी में डिलीवरी हो गई!
ऐसे वीडियो बड़े बड़े दावों और विकास के झूठ की पोल नहीं खोलते!ये साबित भी करते हैं कि भाजपा के… pic.twitter.com/QYojqQ1W3n
— MP Congress (@INCMP) July 27, 2025
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक इस मानसून सत्र में मध्यप्रदेश में 418.4 मिलीमीटर की तुलना में 645.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से 54 प्रतिशत अधिक है.
पहली घटना बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित चिचोली विकास खंड के गांव बोड़ रैय्यत में रविवार को घटित हुई गर्भवती महिला सुनीता के पति बबलू आदिवासी ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि उनकी पत्नी को रविवार को प्रसव पीड़ा होने लगी लेकिन भांजी नदी में बाढ़ आ जाने के कारण उन्हें जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो ग्रामीणों से चर्चा की.













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