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देश की खबरें | ज्ञानवापी की तरह मथुरा में भी ईदगाह के मुआयने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद के वादी में से एक ने सोमवार को एक स्थानीय अदालत से शाही मस्जिद ईदगाह में हिंदू मंदिर के निशान की पुष्टि के लिए एक अधिवक्ता आयुक्त (कोर्ट कमिश्नर) नियुक्त करने का अनुरोध किया।

देश की खबरें | ज्ञानवापी की तरह मथुरा में भी ईदगाह के मुआयने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग

मथुरा (उप्र), नौ मई श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद के वादी में से एक ने सोमवार को एक स्थानीय अदालत से शाही मस्जिद ईदगाह में हिंदू मंदिर के निशान की पुष्टि के लिए एक अधिवक्ता आयुक्त (कोर्ट कमिश्नर) नियुक्त करने का अनुरोध किया।

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के मामले के समान ही मथुरा में भी पिछले डेढ़ वर्ष से चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि - शाही ईदगाह प्रकरण में वादी महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत में अर्जी देकर ईदगाह के मुआयने के लिए अधिवक्ता आयुक्‍त को नियुक्त करने की मांग की है। इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई जारी रहेगी।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण में वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, ''हमने आज सिविल जज सीनियर डिवीजन में एक अर्जी दाखिल कर उक्त मामले में अदालत से काशी प्रकरण का हवाला देते हुए मांग की है कि उसी के समान यहां भी ईदगाह के पूरे परिसर की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराकर वहां मौजूद सभी हिन्दू धर्म चिह्नों का रिकॉर्ड दर्ज कर अदालत में पेश किया जाए, जिससे इस मामले को सही तथ्यों का आलोक मिल सके।''

उन्होंने कहा, अदालत से प्रार्थना की गई है कि वह काशी के ज्ञानवापी मस्जिद के समान ही मथुरा में शाही ईदगाह का किसी वरिष्ठ अधिवक्ता को कमीशन नियुक्त कर मुआयना कराएं और सभी मौजूद हिन्दू चिन्ह्नों (यथा स्वास्तिक, ओइम, कमल, गदा आदि) का हवाला देते हुए उन्हें रिकॉर्ड पर लेकर अदालत में प्रस्तुत करें।

गौरतलब है कि उन्होंने अदालत में पेश किए गए दावे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में स्थित शाही ईदगाह को अवैध बताते हुए उसे वहां से हटाकर उक्त भूमि उसके वास्तविक मालिक श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास को सौंप देने की मांग की है।

उनका कहना है कि मुगल शासक औरंगजे़ब ने अपने कार्यकाल में उस स्थान पर स्थापित विशाल मंदिर को ध्वस्त कराकर उसके मलबे से ही शाही ईदगाह का निर्माण कराया था, जिसके प्रमाण आज भी वहां मौजूद हैं और उन्हें मिटाकर इतिहास से खिलवाड़ कर प्रमाणों को नष्ट-भ्रष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने अपनी अर्जी के साथ काशी (वाराणसी) के सिविल जज के आदेश की प्रति भी लगाई है। इस अदालत में प्रतिपक्षी शाही ईदगाह इंतजामिया कमेटी की ओर से एडवोकेट नीरज शर्मा, उप्र सुन्नी सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि आदि भी उपस्थित रहे। इस मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सं आनन्द

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(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2022 11:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).